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76 छात्र, एक परीत्क्षा केंद्र और सभी फेल: A+’ की जगह मिला ‘AA’, आखिर कैसे हुआ कांड?

रायबरेली के सर्वोदय इंटर कॉलेज के 76 हाईस्कूल छात्र एक तकनीकी गलती के कारण फेल हो गए. फिजिकल एजुकेशन के ग्रेड में ‘A+’ की जगह ‘AA’ दर्ज होने से ये संकट खड़ा हुआ. जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड से संपर्क कर रिजल्ट सुधारने का आश्वासन दिया है.

Raebareli 76 UP Board Students Failed Due to Technical School Error

यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद कहीं जश्न का माहौल है, तो कहीं लोग नंबरों से नाखुश हैं. लेकिन रायबरेली से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर आप अपना माथा पकड़ लेंगे. यहां एक या दो नहीं, बल्कि एक पूरे सेंटर के सभी हाईस्कूल के छात्र फेल हो गए हैं. जी हां, आपने सही पढ़ा. इस अजीबोगरीब नतीजे ने न केवल बच्चों और उनके माता-पिता को सदमे में डाल दिया है, बल्कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी हैरान-परेशान हैं.

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला अटौरा के कलौली स्थित ‘सर्वोदय इंटर कॉलेज’ का है. यहां हाईस्कूल में कुल 76 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे. बच्चों ने साल भर पढ़ाई की, पूरी तैयारी के साथ प्रैक्टिकल और लिखित परीक्षाएं दीं. लेकिन जब रिजल्ट आया तो सबके नाम के आगे ‘फेल’ लिखा था. जांच की गई तो पता चला कि यह बच्चों की नालायकी नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की एक ‘तकनीकी लापरवाही’ का नतीजा है.

‘A+’ की जगह ‘AA’

दरअसल, मामला फिजिकल एजुकेशन के नंबरों से जुड़ा है. स्कूल के अध्यापक को बच्चों के नंबर और ग्रेड बोर्ड को भेजने थे. गलती से टीचर ने ‘A+’ ग्रेड देने के चक्कर में वहां ‘AA’ दर्ज कर दिया. अब कंप्यूटर की भाषा में ‘AA’ का मतलब होता है ‘Absent’ (अनुपस्थित). बोर्ड के सिस्टम ने मान लिया कि सभी 76 बच्चे परीक्षा देने ही नहीं आए और इसी आधार पर सबको फिजिकल एजुकेशन में फेल कर दिया गया. चूंकि यह अनिवार्य विषयों का हिस्सा है, इसलिए पूरे रिजल्ट पर ही फेल की मुहर लग गई.

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

कॉलेज के व्यवस्थापक मुनीश द्विवेदी ने माना कि यह एक तकनीकी गलतफहमी की वजह से हुआ है. अध्यापक की एक छोटी सी त्रुटि ने 76 बच्चों का भविष्य अधर में लटका दिया. वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) संजीव सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने बताया कि इस भूल को सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (बोर्ड) से संपर्क किया गया है.

जल्द सुधरेगा रिजल्ट: शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि इस तकनीकी गलती को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा और बच्चों को संशोधित रिजल्ट जारी किया जाएगा. फिलहाल, स्कूल और विभाग दोनों ही इस कोशिश में जुटे हैं कि बच्चों का एक साल बर्बाद न हो. लेकिन इस घटना ने एक बात तो साफ कर दी है कि डिजिटल दौर में एक छोटी सी टाइपिंग मिस्टेक भी किसी की पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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