हर इंसान को अपनी नींद बेहद ही प्यारी होती है. कुछ लोगों को तो अगर नींद से कोई उठा दें, तो वो न आव देखते न ताव और सामने वाले पर हमला भी कर देते है. हालांकि, मध्य प्रदेश में एक ऐसा शख्स है, जो सालों से सोया ही नहीं है. ये बातें पढ़कर आप भी दंग होंगे, लेकिन यह सौ फीसदी सच है. आइए जानते है आखिर कौन है ये इंसान और क्यों उसने सालों से चैन की नींद नहीं ली.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहन लाल द्विवेदी ने मेडिकल साइंस को आश्चर्य में डाल दिया है. जहां विज्ञान कहता है कि नींद इंसानी जीवन के लिए बेहद जरूरी होता है, वहीं, 75 वर्ष के मोहन साइंस और इंसानी शरीर की सीमाओं के लिए एक जीवित पहेली बन गएं है. मोहन ने बताया कि वो पिछले 50 सालों से सोए ही नहीं. हालत तो कुछ यूं है कि उनकी पलके बंद तो होती है लेकिन उन आंखों में नींद का वास नहीं हो पाता है.
इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि जो नींद शरीर के अंगों को सुचारू रूप से काम करने में एक बड़ा योगदान देती है, वहीं न सोने के बावजूद मोहन स्वस्थ जीवन बिता रहे है. इतने सालों से नींद न पूरी करने पर भी उनके शरीर में न कोई थकान है, न कमजोरी और न ही मांसपेशियों में दर्द जैसी कोई समस्या.
कब ली थी चैन की नींद?
मोहन लाल द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार उन्होंने इमरजेंसी के समय यानी की 1975 में चैन की नींद ली थी. बता दें कि उन्होंने सोने के लिए लगातार काम किया और घंटों एक ही पोजीशन में बैठे, लेकिन उनकी आंखों में नींद ने दस्तक नहीं दी.
वहीं, जब उनको नींद नहीं आती तो वो ये समय कभी किताबों को देते, तो कभी सैर पर निकल जाते है. अब ये मोहन के दिनचर्या का एक हिस्सा बन चुका है.
डॉक्टरों ने भी हाथ किए खड़े
जब मोहन अपनी नींद की समस्या लेकर डॉक्टर्स के पास पहुंचे तो उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए. उन्होंने दिल्ली से लेकर मुंबई तक के कई बड़े डॉक्टर्स को दिखवाया, लेकिन इसका कोई नतीजा ही नहीं निकल पाया. मोहन ने योग, प्राणायाम, यहां तक झाड़ फूंक हर चीज को करके देखा, लेकिन नतीजा यही रहा. वहीं, अब मोहन को इसकी आदत हो चुकी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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