Train Paan Shop Viral Video: भारतीय रेल में सफर करते वक्त आपने अक्सर ‘चाय-गरम चाय’, ‘समोसा-कचौरी’ या फिर ‘पानी की बोतल’ की आवाजें तो खूब सुनी होंगी. लेकिन अगर हम आपसे कहें कि राजधानी जैसी ठाठ-बाट वाले ट्रेन के थर्ड एसी (3rd AC) कोच में किसी भाई ने पूरी की पूरी ‘पान की दुकान’ ही सजा डाली, तो क्या आप यकीन करेंगे? जी हां, सोशल मीडिया की दुनिया में आजकल एक ऐसा ही अतरंगी और मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं- भइया, भारत में जुगाड़ और शौकीनों की कोई कमी नहीं है.
ऑर्डर पर लपेटे 20-25 मीठे पान (Train AC Coach Me Pan Ki Dukan)
मामला मुंबई से छत्तीसगढ़ की ओर दौड़ रही एक ट्रेन के थर्ड एसी कोच का बताया जा रहा है. सफर के दौरान जहां लोग चादर ओढ़कर खर्राटे भरते हैं या खिड़की से बाहर देखते हैं, वहीं इन महाशय को अपने अंदर का असली ‘पंतरेबाज’ जगाने का मन हुआ.
A man is seen preparing and selling paan inside a 3rd AC coach while passengers are placing orders. Those who buy paan and spit its stains inside the train are equally responsible for making railway coaches dirty.
https://t.co/PpOLJxkVGU— Shyamdatt (@ShyamDatt_C) October 17, 2026
भाई ने नीचे वाली यानी लोअर बर्थ पर बकायदा साफ कपड़ा बिछाया और उसके ऊपर स्टील का बड़ा सा ट्रे रख लिया. ट्रे में ताजे-हरे नागरबेल के पत्ते, चूना, कत्था, सौंफ, चमकीली मीठी सुपारी, रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी और खुशबूदार गुलकंद के डिब्बे पूरी शान से सजाए गए.
शौकीनों की लार टपक गई
कोच के बाकी मुसाफिरों की नजर जैसे ही इस चलती-फिरती दुकान पर पड़ी, पान के शौकीनों की लार टपक गई! देखते ही देखते भाईजी को कोच के भीतर से ही करीब 20 से 25 पान तैयार करने का थोक ऑर्डर मिल गया. बर्थ पर आलथी-पालथी मारकर बैठे ये भाई साहब बड़े ही सलीके और नफासत से एक-एक बीड़ा लगाते रहे और आसपास बैठे सहयात्री मुंह बाए उनका यह ‘लाइव परफॉर्मेंस’ निहारते रहे.
देसी स्वाद पर सफाई का अड़ंगा (Paan Shop Desi Jugaad in Train Viral)
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह अनोखा नजारा वायरल हुआ, इंटरनेट दो गुटों में बंट गया. पान के शौकीन जहां इसे “सफर का असली सुख” और “देसी स्वैग” बताकर मजे ले रहे हैं, वहीं कुछ संजीदा मुसाफिरों ने ट्रेन के भीतर साफ-सफाई और हाइजीन को लेकर भौंहें तान ली हैं.
लोगों का कहना है कि बंद एसी कोच में इस तरह खाने-पीने की चीजें खुले में बनाना और परोसना कितना सुरक्षित है? कहीं कोई कत्था-चूना कोच की चादर या फर्श पर न टपका दे! हालांकि, इस पूरे देसी तमाशे पर फिलहाल भारतीय रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है. लेकिन एक बात तो तय है- ट्रेन में सफर चाहे जैसा भी हो, देसी मिजाज वाले बंदे अपने शौक और स्वाद का जुगाड़ कहीं भी ढूंढ ही निकालते हैं.
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