UP MLC Voter List Controversy: उत्तर प्रदेश के विधान परिषद (MLC) के शिक्षक और स्नातक कोटे के होने वाले चुनावों से ठीक पहले एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने देश के सबसे बड़े सूबे की प्रशासनिक व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में ऐसे-ऐसे अजीबोगरीब और हास्यास्पद नाम दर्ज मिले हैं, जिन्हें देखकर कोई भी हैरान रह जाए.
बता दें सूची में किसी के पिता का नाम ‘बीकॉम’ (B.Com) लिखा है, तो कहीं मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ और पिता का नाम ‘मूर्खचंद’ दर्ज है. सोशल मीडिया पर यह लिस्ट वायरल होने के बाद आधी रात को चुनाव आयोग की नींद खुली और आनन-फानन में जांच के आदेश दिए गए.
वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नाम(UP MLC Voter List Controversy)
वायरल हो रही इस मतदाता सूची के पन्ने पलटने पर सिस्टम की पोल खुलती नजर आती है. लिस्ट में दर्ज कुछ नाम इतने बचकाने और फर्जी प्रतीत होते हैं कि यह किसी गंभीर दस्तावेज की बजाय किसी जोक या मीम की तरह लगते हैं:
पिता का नाम ‘बीकॉम’: भाग संख्या 81 के क्रमांक 696 पर नरेंद्र यादव के पिता का नाम ‘बीकॉम’ दर्ज है.
अजब-गजब नाम: सूची में ‘मोहम्मद पागल रेहान’, ‘मूर्ख काली देवी’ और ‘टक्कर मारना’ (पिता का नाम भी टक्कर मारना) जैसे नाम खुलेआम दर्ज हैं.
हिंसक या अजीब वाक्य: भाग संख्या 72 के क्रमांक 415 पर मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ और पिता का नाम ‘मूर्ख चंद यादव’ लिखा है. वहीं एक अन्य स्थान पर रवि शर्मा के पिता का नाम ‘राम ने शर्मा को मारा’ दर्ज है.
संवाद शैली वाले नाम: इरफान अली ने कहा, फैज अब्बास ने कहा और खालिद अली ने कहा जैसे नाम भी इस सूची का हिस्सा हैं.
क्या किसी का नाम “राम ने यादव को मारा” हो सकता है
क्या किसी के पिता का नाम B COM हो सकता है?क्या किसी का नाम “इरफ़ान अली ने कहा” हो सकता है?
उत्तर प्रदेश के MLC चुनाव की मतदाता सूची में ये सारे नाम शामिल है । इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक चुनाव के वोटर लिस्ट में ये सारे नाम दर्ज हैं ।
@ceoup ये सारे नाम सूची में है ना? इसे तो फ़र्ज़ी नहीं कहेंगे ?
— Journalist Ravi Raj (@ravirajprayagi) October 21, 2026
उम्र और पात्रता की भी उडी धज्जियां
यह मामला सिर्फ अजीब नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और नियमों की अनदेखी की बू आ रही है. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए न्यूनतम आयु और ग्रेजुएशन की डिग्री अनिवार्य होती है, लेकिन सूची में ऐसे कई मतदाता मिले हैं जिनकी जन्मतिथि 2001, 2002, 2003, 2004 या 2005 है-यानी जो कानूनी तौर पर वोट डालने के योग्य ही नहीं हैं.
इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आधिकारिक शिकायत सौंपते हुए दावा किया है कि इस पूरी सूची में 4,397 से अधिक डुप्लीकेट (बोगस) मतदाता शामिल हैं. अकेले प्रयागराज में 3,163 ऐसे नाम हैं जो दो-दो बार दर्ज हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरीके से यह फर्जीवाड़ा किया है.
#WATCH | Uttar Pradesh MLC Elections | Prayagraj, Uttar Pradesh | Ahead of the voting on October 23 for the MLC graduate and teacher seats, a BJP delegation submitted a memorandum to the DM demanding corrective action regarding alleged irregularities in the voter list. https://t.co/TOF6NeES0A
— ANI (@ANI) October 21, 2026
आधी रात चुनाव आयोग ने लिया एक्शन
सोशल मीडिया पर जब यह शर्मनाक मामला(UP MLC Voter List Controversy) तूल पकड़ने लगा, तो बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब सवा एक बजे भारत निर्वाचन आयोग हरकत में आया. आयोग ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से संज्ञान लेते हुए झांसी के मंडलायुक्त (जो इस क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हैं) को तत्काल मामले की जांच कर दोपहर तक रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया.
वहीं, जिला प्रशासन भी एक्शन में आ गया है. प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि डुप्लीकेट और बोगस वोटरों की सघन जांच कराई जा रही है. प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी ने दो अलग-अलग स्थानों पर मतदान करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सीधा आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
बहरहाल, यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि जमीनी स्तर पर सरकारी तंत्र और बीएलओ (BLO) किस हद तक लापरवाह हैं कि बिना किसी वेरिफिकेशन के वोटर लिस्ट में कुछ भी टाइप कर दिया जाता है. चुनाव से ठीक पहले हुए इस खुलासे ने चुनावी पारदर्शिता पर बहुत बड़ा बट्टा लगा दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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