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विश्लेषण

Ram Manohar Lohia: 18 जून 1946 को राम मनोहर लोहिया ने गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी. उनकी गिरफ्तारी के बाद गोवा में जनआंदोलन तेज हुआ, जिसने अंततः 1961 में गोवा मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया.

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर आग से सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही जागरूकता, धैर्य और प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाकर कई जानें बचाई जा सकती हैं...

Birsa Munda's Death Anniversary: जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला देने वाले महान क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की आज पुण्यतिथि है. 9 जून 1900 को रांची की जेल में मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने अंतिम सांस ली थी, लेकिन उनका 'उलगुलान' आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा है.

8 जून को मनाया जाने वाला विश्व महासागर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महासागर केवल पानी का विशाल विस्तार नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं.

Indian Politics History: संविधान के 'चलते-फिरते विश्वकोश' डॉ. सुभाष कश्यप का निधन हो गया है. 37 वर्षों तक संसद को अपनी सेवाएं देने वाले इस विद्वान के जीवन में एक ऐसी राजनीतिक 'गांठ' भी थी, जिसने उनका राज्यसभा जाने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रख दिया.

अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ने का मुख्य कारण बताया कि वे पार्टी की तमिलनाडु रणनीति से अब सहमत नहीं हैं. अपने इस्तीफे के बयान में अन्नामलाई ने कहा कि वे छह साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर भाजपा में शामिल हुए थे.

देश में बढ़ती भीषण गर्मी, जल संकट और फसल नुकसान ने किसानों से लेकर शहरों तक चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक जीवनशैली ही भविष्य के पर्यावरण संकट का सबसे बड़ा इलाज हैं...

China Tibet Conflict: 1950 में सैन्य आक्रमण और दबावपूर्ण '17 सूत्री समझौते' के जरिए चीन ने तिब्बत की स्वतंत्रता को खत्म कर उसे अपना हिस्सा बना लिया. इस घटना के बाद 1959 में हुए विद्रोह ने दलाई लामा को भारत में शरण लेने पर मजबूर किया, जिससे यह मुद्दा आज भी एक अंतरराष्ट्रीय विवाद बना हुआ है.

वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर उठते सवालों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या आज की पढ़ाई युवाओं को नौकरी और जीवन के लिए वास्तव में तैयार कर पा रही है. लेख में रट्टा आधारित शिक्षा, बेरोजगारी, मानसिक दबाव और स्किल गैप जैसी गंभीर समस्याओं को विस्तार से उठाया गया है...

Vani Prakashan Books 2026: शंभुनाथ की नई किताब 'छायावाद का देश' (2026) आज के बढ़ते उपभोक्तावाद और पर्यावरण संकट के बीच महादेवी, निराला, प्रसाद और पंत के मानवीय विचारों की एक बेहद जरूरी और नई खोज है.