वायनाड उपचुनाव: कांग्रेस की प्राथमिकता और प्रभाव
वायनाड उपचुनाव कांग्रेस के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके चलते महाराष्ट्र, झारखंड, और उत्तर प्रदेश के चुनावों में कांग्रेस की प्राथमिकताओं पर संतुलन की कमी दिखाई दे रही है.
कैसे बने देश अपराध मुक्त ?
How Country Become Crime Free: सच्चाई तो ये है कि जितने अपराध होते हैं, उसके नगण्य मामले पुलिस के रजिस्टरों में दर्ज होते हैं। ज्यादातर अपराध प्रकाश में ही नहीं आने दिये जाते. फिर गुड गवर्नेंस कैसे सुनिश्चित होगी?
चुनाव आयोग के फ़ैसले निष्पक्ष दिखाई दें!
2024 के लोकसभा चुनावों के बाद होने वाले कई विधान सभा के चुनावों में केंद्रीय चुनाव आयोग की भूमिका पर कई सवाल उठे हैं. परंतु चुनाव आयोग अपने फ़ैसलों को बदलना तो दूर, अपनी प्रतिक्रिया भी नहीं दी.
त्योहारों की तिथियों में विवाद क्यों?
Festivals Controversy: बीते कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि जब भी कोई त्योहार आता है तो उसकी स्थिति को लेकर काफ़ी विवाद पैदा हो जाते हैं। इन विवादों को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया की भूमिका को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता
ऐसा देश है मेरा
Aisa Desh Hai Mera: आज हम जिस विषय को इस कॉलम में उठाएँगे वह हमारे देश की गंगा - जमुनी तहज़ीब की विशेषता पर आधारित है.
कांग्रेस की पुरानी समस्याएँ: ‘प्रभारियों का क्लब’ और जवाबदेही का अभाव
कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार उन्हीं नेताओं को राज्य प्रभारी या महासचिव बनाया है, जिन्होंने पहले चुनावी सफलता हासिल करने में विफलता पाई थी.
निजी विमानन कंपनियां और यात्री सुरक्षा
कल्पना कीजिए कि यदि किसी विमान में ख़राब इंजन या अयोग्य पाइलट की वजह से कोई हादसा हो जाए तो दोष किसका होगा, विमान कंपनी का या नागरिक उड्डयन मंत्रालय का, या दोनों का?
क्या बिहार में विकल्प दे पाएंगे प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर कह रहे हैं कि वो बिहार में शराबबंदी को खत्म कर देंगे और उससे मिलने वाले राजस्व को शिक्षा पर खर्च करेंगे. साथ ही वह भय और भ्रष्टाचार मुक्त बिहार का नारा भी दे रहे हैं.
अपने क्या सच में अपने होते हैं?
Bharat Express Analysis: आए दिन हमें यह देखने को मिलता है कि किसी बुजुर्ग को, पैसे और संपत्ति के लालच में उसी की संतान ने घर से बेघर कर दिया. ऐसा अक्सर उन परिस्थितियों में होता है जब बच्चों को सही संस्कार नहीं दिये जाते.
वर्कलोड: टेंशन लेने का नहीं देने का!
Analysis on Workload Tension: संजय दत्त की बहुचर्चित फ़िल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ का एक डायलॉग काफ़ी हिट हुआ था जिसमें वो हर किसी को न घबराने की सलाह देते हुए कहते थे ‘टेंशन लेने का नहीं - देने का’.







