क्या देश में One Nation-One Election जरूरी हो गया है?
ऐसी खबर है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र या अगले सत्र में इससे जुड़े विधेयक को संसद में पेश कर सकती है.
INDIA गठबंधन का नेतृत्व क्यों करना चाह रही हैं Mamata Banerjee?
इस बार के लोकसभा चुनावों में बीजेपी पूर्ण बहुमत के आंकड़े से 32 सीट दूर रह गई, तब INDIA गठबंधन को लगा कि विपक्ष को एकजुट करने का उसका फॉर्मूला काम कर गया, लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद अब ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस INDIA गठबंधन में विलेन बन गई है.
दमन की आग में सुलगता रहा है सीरिया
आखिर क्यों सुलगा सीरिया? क्यों सीरिया के अंदर ही विद्रोह की चिंगारी सुलगी? और क्यों खुद राष्ट्रपति बशर अल-असद ही इस विद्रोह को ठीक से भांप नहीं पाए?
क्या राजनीति में खत्म हो गया शरद पवार का ‘पावर’, आखिर अपने ही घर में कैसे मात खा गए मराठा क्षत्रप?
एक वक्त था जब महाराष्ट्र में शरद पवार की तूती बोलती थी, मगर इस चुनाव उनके सिर्फ 10 उम्मीदवार ही जीतने में कामयाब हुए. अपनी चुनावी चालों से विरोधियों को मात देने में महारत रखने वाले पवार के हाथों से अब राजनीतिक गोटियां लगातार फिसलती दिखने लगी हैं.
कांग्रेस से क्यों खफा हैं INDIA गठबंधन के सहयोगी?
कांग्रेस इस समय इंडिया गठबंधन की अगुवाई कर रही है और किस राज्य में गठबंधन करना है और किस राज्य में नहीं करना है, यह कांग्रेस ही तय करती है. कांग्रेस की इच्छा है कि इंडिया गठबंधन के दल और नेता राहुल गांधी का नेतृत्व उसी तरह से स्वीकार करें जिस तरह से एनडीए के दल नरेंद्र मोदी को स्वीकार किए हैं.
प्लास्टिक एक धीमा जहर
प्लास्टिक निर्माण के समय निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है. प्लास्टिक की बैग्स में स्टोर किया गया या रखा हुआ खाना बहुत जल्दी खराब होने लगता है. प्लास्टिक के तत्वों के भोजन में मिल जाने से अस्थमा, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. प्लास्टिक बैग्स पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ रहा है.
पीछे हटने को तैयार नहीं किसान
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे. किसान इस संघर्ष में पूरी तरह से एकजुट हैं और कह रहे हैं कि किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे.
प्लास्टिक का कचरा, जीव-जगत के लिए खतरा
प्लास्टिक कचरे की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे पर्यावरण और इंसानी स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं. चीन ने प्लास्टिक कचरे का आयात बंद कर दिया है, जिससे दुनियाभर में इसका निपटारा एक बड़ा संकट बन गया है.
क्या इस देश को अदालतें चला रही हैं?
हमारे देश में न्यायपालिका पर बढ़ते काम के बोझ का मुख्य कारण सरकारी तंत्र की विफलता है। जब सरकारी संस्थाएं अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभातीं, तो नागरिकों को न्याय के लिए अदालत का रुख़ करना पड़ता है।
राहुल बाबू ये संभल है, जरा संभल के….
यह संभल है बाबू जरा संभल कर चले तो सबके लिए अच्छा रहेगा, संभल के मस्जिद का विवाद दरअसल ग्लोबल हो गया है.





