जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि से गरीब वर्ग तक सहायता पहुंचाना हुआ आसान
वस्तु एवं सेवा कर के माध्यम से देश में कर संग्रहण में आई वृद्धि के चलते ही आज केंद्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा गरीब वर्ग को विभिन्न विशेष योजनाओं का लाभ पहुंचाये जाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं.
गिग वर्कर्स: अपने बॉस स्वयं बनें
दुनिया भर में ऐसे कई प्लेटफार्म हैं जो ‘गिग वर्कर’ को ऐसी कई कंपनियों या व्यक्तियों से जोड़ते हैं जो मासिक तनख़्वाह पाने वाले कर्मचारी नहीं रखना चाहते।
Water Crisis: डराती है दक्षिण भारत में पानी को लेकर आई CWC की रिपोर्ट, ऐसा रहा तो पूरे देश में…
Water Crisis: सीडब्ल्यूसी के विश्लेषण से यह भी संकेत मिलता है कि भंडारण स्तर में सप्ताह-दर-सप्ताह कमी हो रही है, जिससे न केवल दक्षिणी क्षेत्र बल्कि पूरे देश पर असर पड़ रहा है.
सेवा भाव से चलता एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, दिखता है सेवा भाव
अस्पताल के संचालन में लगे हुए सभी वरिष्ठ अधिकारी यहां सेवा भाव से कार्य करते हैं। ये सभी व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए अनुभवी लोग हैं जो ‘अम्मा’ के प्रति समर्पित हैं।
कैसे रुकेगी भारत के जंगलों की आग? वन्य जीवों और जनजीवन पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
जंगल की आग से वनों का क्षरण तो होता ही है बहुमूल्य वन संपदा और कार्बन भी नष्ट हो जाते हैं. इसके अलावा पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रभावित होता है।
भारत में धार्मिक पर्यटन छू रहा नित नई ऊचाईयां
विश्व के कई अन्य देश भी धार्मिक पर्यटन के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्थाएं सफलतापूर्वक मजबूत कर रहे हैं. सऊदी अरब धार्मिक पर्यटन से प्रति वर्ष 22,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर अर्जित करता है.
खाड़ी में बारिश से तबाही, क्या बदल रहा है मौसम का मिजाज
मात्र दो दिन में पूरे साल भर के बराबर बारिश का होना जलवायु परिवर्तन के बड़े प्रभाव की ओर इंगित करता है। क्योंकि जलवायु परिवर्तन दुनिया भर में बड़े तूफानों, बाढ़, सूखा और जंगलों की आग के लिए जिम्मेदार है।
भारत बन सकता है विज्ञान की महाशक्ति
जब भारत के विज्ञान पर खर्च की तुलना उसके समान आकार की अर्थव्यवस्थाओं से की जाती है तो फंड जुटाने का सवाल सामने होता है। भारत के अनुसंधान व्यय का लगभग 60% केंद्र और राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों से और लगभग 40% निजी क्षेत्र से आता है। वहीं अन्य देशों में, निजी क्षेत्र का निवेश बहुत अधिक होता है।
India Forex Reserves: 1 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को छू सकता है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, समझिए कैसे पकड़ रहा रफ्तार
कोरोना महामारी के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7,100 करोड़ अमेरिकी डॉलर से कम हुआ था, परंतु वर्ष 2022 के बाद से यह अब लगातार उतनी ही तेज गति से आगे भी बढ़ रहा है। और, अब तो यह उम्मीद की जा रही है कि आगे आने वाले समय में यह एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को भी पार कर जाएगा।
नॉमिनी या बेनिफ़िशियरी, कौन है असली उत्तराधिकारी?
बैंक खातों में हमारी जमा पूँजी, शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड में निवेश, बीमा की राशि या अन्य किसी भी तरह का निवेश हो तो हमारी मृत्यु के बाद उसका नॉमिनी ही उसका उत्तराधिकारी बने यह बात क़ानूनी रूप से सही नहीं है.







