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ट्रंप नहीं कर पाएंगे भारत को डंप !

India-USA Relations: ट्रंप की वापसी से भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती आएगी, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन दोगुना होगा, लेकिन अवैध भारतीय प्रवासियों का मामला चुनौती बन सकता है.

Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

अमेरिका में ट्रंप की वापसी, यूं कहे कि उनका USA के 47वे राष्ट्रपति के तौर पर फिर से शपथ लेना भारत के लिए बहुत अच्छी बात है. हालांकि जो बाईडेन के कार्यकाल में भी भारत का अमेरिका के साथ सफर काफी शानदार रहा लेकिन जानकार मानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स का उत्पादन दोगुना हो जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी अमेरिका के शीर्ष आयातों में से हैं. इस श्रेणी में कंप्यूटर, स्मार्टफोन और औद्योगिक उपकरण शामिल हैं. 2022 में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए कंप्यूटर पर 108 बिलियन डॉलर खर्च किए लेकिन इन सबके बावजूद भारत–अमेरिका संबध इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रंप सरकार अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के Illegal Migrants के साथ कैसा व्यवहार करती है.

अवैध प्रवासन और भारत !

डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद नया अमेरिकी प्रशासन अवैध प्रवासन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है, भारत अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार है. विदेश मंत्रालय के सूत्रो के मुताबिक दोनो देश चाहेंगे कि अनाधिकृत रुप से अमेरिका में रह रहे अप्रवासी भाररतीय का मसला शांतिपूर्ण तरीके से हल हो जाए. दोनों देशों ने मिलकर अमेरिका में लगभग 18,000 अवैध भारतीय प्रवासियों की पहचान की है, जिन्हें घर वापस भेजा जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भारत का स्टैंड बिल्कुल क्लीयर है कि जो भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में रह रहें हैं उन्हे कानूनन अपने देश वापस आना चाहिए.

व्यापार और अमेरिका की मजबूरी

भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में इंजीनियरिंग सामान (3.07 बिलियन अमेरिकी डॉलर), इलेक्ट्रॉनिक सामान (2.11 बिलियन अमेरिकी डॉलर), रत्न और आभूषण (1.83 बिलियन अमेरिकी डॉलर), ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स (1.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और आरएमजी कपास शामिल हैं. पत्रकारों संग अनौपचारिक बातचीत में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रंप सरकार के कार्यकाल में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स का उत्पादन और निर्यात दोगुना हो जाएगा. अप्रैल 2024 में अमेरिका से भारत में आयात 3.20 बिलियन अमेरिकी डॉलर था. अमेरिका से भारत के आयात में खनिज ईंधन और तेल (1.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर) शामिल हैं; इसके बाद परमाणु रिएक्टर और बॉयलर (330 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मोती और अर्ध-कीमती पत्थर (272 मिलियन अमेरिकी डॉलर), खनिज ईंधन और तेल (197 मिलियन अमेरिकी डॉलर), आते हैं.

भारत अमेरिका भाई-भाई

पिछले एक दशक में भारत और अमेरिका से संबंध काफी अच्छे हुए हैं, खासकर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते जो बाईडेन और ट्रंप दोनो सरकारों ने भारत के साथ सहयोग किया . पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका विकसित राष्ट्र है और अमेरिका जैसे – जैसे विकास करेगा भारत भी साथ में विकास करेगा. अमेरिका के लिए भारत और भारत के लिए अमेरिका जरूरी है. सूत्र बताते हैं कि सरकार इस बात के लिए तैयार है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के Illegal Migrants को देश वापस लाया जाएगा. गोयल ये भी कहते हैं कि किसी भी चीज के Import से देश को पता चलता है कि मार्केट में क्या चल रहा है बाजार उसके हिसाब से देश को तैयार करता है.

भारत-अमेरिका व्यापार

आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत का वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 5.58 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 814 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार करने का अनुमान रखा गया था. 2023 में, देश का माल और सेवा निर्यात 768.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा. भारत और अमेरिका के बीच संबंध भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के समय से चले आ रहे हैं और 1947 में यूनाइटेड किंगडम से आजादी के बाद भी जारी रहे हैं. वर्तमान में, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंध हैं और उन्होंने आतंकवाद और चीनी प्रभाव का मुकाबला करने जैसे मुद्दों पर सहयोग को गहरा किया है. इंडो-पैसिफिक.गैलप के वार्षिक विश्व मामलों के सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारत को अमेरिकियों द्वारा दुनिया में अपना छठा पसंदीदा देश माना जाता है, 2015 में 71% अमेरिकी भारत को अनुकूल रूप से देखते हैं और 2023 में 70%. गैलप सर्वेक्षणों में पाया गया कि 2017 में 74% अमेरिकियों ने भारत को अनुकूल रूप से देखा, 2019 में 72%, 2020 में 75% और 2022 में 77% . अफगानिस्तान के पतन के बाद अगस्त 2021 में किए गए मॉर्निंग कंसल्ट पोल के अनुसार, 79% भारतीयों ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अनुकूल रूप से देखा, जबकि 10% ने संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रतिकूल रूप से देखा.

भारत-कनाडा संबध और ट्रंप

अमेरिका अपने दो पड़ोसियों कनाडा और मैक्सिको को फिलहाल 100 और 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सब्सिडी दे रहा है, आने वाले दिनों में अगर ऐसा है तो बेहतर होगा कि ये दोनों देश अमेरिका का हिस्सा बनें. विदेश और आर्थिक मामलो को जानकार मानते हैं कि मोदी और ट्रंप की दोस्ती का नतीजा है कि ट्रंप के चुनाव जीतने के साथ ही जस्टिन ट्रूडो सत्ता से बेदखल हो गए. जस्टिन ट्रूडो जो बाईडेन के सत्ता में रहते लगातार भारत पर हमलावर थे, यहां तक कि दोनों देशों के बीच राजयनयिक संबंधो को लेकर भी समीक्षा शुरू हो गई थी. जानकार कहते हैं कि ट्रंप के रहते भारत और कनाडा के संबंध फिर से सुधरेंगे और अवैध भारतीय प्रवासियों का मामला क्षणिक है जो समय के साथ बिना विवाद के समाप्त हो जाएगा.



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