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Mansi Negi




भारत एक्सप्रेस


Republic Day 2026: महिला जवानों का ये वीडियो देख गर्व से फूल जाएगा आपका सीना आज हम आपको कर्तव्य पथ से एक ऐसा दृश्य दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर हर भारतीय का दिल गर्व से भर उठा। RepublicDay2026 के अवसर पर राजधानी दिल्ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स यानी CRPF और सशस्त्र सीमा बल यानी SSB की संयुक्त डेयरडेविल टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को रोमांच और गर्व—दोनों का एहसास कराया।

Shankaracharya Avimukteshwaranand: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन (sangam snan) के बीच 8 दिनों से चला आ रहा विवाद (Shankaracharya controversy) गहरा गया है. इस पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (keshav prasad maurya) ने शंकराचार्य से विरोध समाप्त कर पवित्र संगम में स्नान करने की विनम्र अपील की है.

गणतंत्र दिवस का पावन पर्व केवल तिरंगा फहराने, झांकियों और परेड देखने तक सीमित नहीं होता। यह दिन उन वीर सैनिकों को नमन करने का भी अवसर होता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 26 जनवरी के इस विशेष अवसर पर जब देश के फौजी भाई प्रेमानंद महाराज के समक्ष पहुंचे, तो पूरा माहौल भावनाओं से भर गया। सैनिकों को देखकर प्रेमानंद महाराज स्वयं भाव-विभोर हो उठे और उनके प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया।

गणतंत्र दिवस के इस पावन मौके पर पीएम मोदी का यह 'देसी' अंदाज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. सुनहरी बूटी और बंधेज का यह मेल हमें याद दिलाता है कि विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के बाद भी भारत अपनी जड़ों और परंपराओं के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है.

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस आन बान शान से मना रहा है लेकिन जब भी भारत के इतिहास में अदम्य साहस और बलिदान की बात होती है, तो एक नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है जो है परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद का... एक ऐसा सपूत, जिसने अकेले दम पर दुश्मन की ताकत को चकनाचूर कर दिया और अपने लहू से शौर्य की अमर इबारत लिख दी।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक नए आर्थिक युग की शुरुआत हो रही है। मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की है कि एक 'सफल भारत' ही दुनिया को स्थिर और समृद्ध बनाएगा। सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए उर्सुला वॉन डेर ने कहा कि "गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, और इसका फायदा हम सभी को होता है।" उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत-EU शिखर वार्ता से पहले आया है नई दिल्ली और ब्रसेल्स 27 जनवरी को भारत-EU शिखर सम्मेलन में लंबे वक्त से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत खत्म होने की घोषणा करने वाले हैं.

आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। जिसपर हर भारतवासी को गर्व है। भारतीय संविधान लागू हुए 77 साल पूरे हो गए हैं। इसी मौके पर मुख्य समारोह नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (kartavya path) पर जारी हैं। भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान लागू किया गया था। भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इसलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस दिन से एक ऐतिहासिक कहानी और जुड़ी हुई है। जो है तो एक रॉयल सोने की बग्गी की लेकिन वो सीधे जुड़ती है किक्रेट की तरह टॉस से। जी हां... भारत पाकिस्तान का बंटवारा कैसे हुआ ये इतिहास में दर्ज है। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत की किस्मत के चलते उस रॉयल सोने की बग्घी (Royal Gold Buggy) मिली। अगर भारत हार जाता तो यह बग्घी पाकिस्तान के पास होती। तो चलिए आपको बताते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी..

Tina Dabi Video : राजस्थान (rajasthan) के बाड़मेर की जिलाधिकारी आईएएस टॉपर टीना डाबी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही हैं. स्‍कूली बच्‍चों के सामने इस बार टीना डाबी ने ऐसी चूक कर दी, जिसे वे शायद ही कभी भुला पाएं। बता पाएं गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर बाड़मेर जिला कार्यालय में फंडा फहराने के दौरान टीना से ऐसी चूक हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Republic Day: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर में भव्य झांकियां (Tableaux on Republic Day) निकाली गईं। इन झांकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत (cultural heritage), राज्यों की लोककला, ऐतिहासिक गौरव और विकास की यात्रा को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। राजपथ पर निकली झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और देश की एकता, विविधता और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूती से दर्शाया। तो वहीं देश के इतिहास के बारे में जानने का मौका मिला

बांग्लादेश में 12 फरवरी को प्रस्तावित आम चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज़ है और भारत की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के बाद अमेरिका और जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते संपर्कों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. शेख हसीना सरकार के पतन, अवामी लीग पर बैन और यूनुस सरकार से तनावपूर्ण रिश्तों ने हालात और जटिल बना दिए हैं. जमात का भारत-विरोधी और पाकिस्तान-समर्थक रुख दिल्ली के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है. बड़ा सवाल यही है, क्या बांग्लादेश में हो रहा राजनीतिक बदलाव भारत के खिलाफ किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा है?