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Prashant Rai




भारत एक्सप्रेस


जब आप लगातार तेज आवाजों या शोर में रहते हैं, जैसे पटाखों की गूंज या लाउड म्यूजिक और अचानक एक शांत माहौल में कदम रखते हैं तो आपके कानों में अचानक से 'बीप' या 'टीटी' की आवाज आती होगी. इसके पीछे आपके कानों का एक बेहद दिलचस्प और जटिल विज्ञान छिपा है.

महाकुंभ मेला में आस्था की शक्ति दिखाने वाली एक विशेष कहानी सामने आई है. आह्वान अखाड़ा के इंद्र गिरी महाराज, जो शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ हैं और ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भर हैं, अपनी मजबूत आस्था के बल पर प्रयागराज पहुंचे हैं.

डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए भूटान में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. भूटान सरकार और जनता ने भारत सरकार और भारतीय नागरिकों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लाए गए एक अध्यादेश की सार्वजनिक तौर पर कड़ी आलोचना करते हुए उसे "बकवास" करार दिया और फाड़कर फेंक दिया. यह वाकया उस समय विवाद का विषय बन गया था.

डॉ. मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री पद पर कार्यकाल भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. उनकी नीतियों और सुधारों ने न केवल भारत को आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि उसे वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी दी.

2004 में यूपीए की जीत के बाद, जब सभी को लगा कि सोनिया पीएम बनेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और डॉ. मनमोहन सिंह को देश का प्रधानमंत्री चुना गया.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर पूरा देश शोक में डूबा हुआ है. क्रिकेट जगत ने भी डॉ. मनमोहन सिंह को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी.

भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता न केवल भारत के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था, बल्कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को भी नई दिशा देने वाला था. हालांकि, इसे लागू करने में डॉ. सिंह को कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और मनमोहन सिंह के सुरक्षा गार्ड रहे असीम अरुण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए एक दिलचस्प कहानी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि मनमोहन सिंह को अपनी मारुति 800 से बेहद लगाव था.

Manmohan Singh Passed Away: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं. बीते 26 दिसंबर को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका निधन हो गया. वह 2004 से 2014 के बीच दो कार्यकालों के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री थे.