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भारत एक्सप्रेस


गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई और योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की. इसके साथ ही उन्होंने गुजरात पवेलियन में 400 बेड की डॉरमेट्री का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई तैयारियों की प्रशंसा की.

महाकुम्भ नगर में शॉर्ट सर्किट के कारण शिविर में आग लग गई, लेकिन फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. आग से कोई जनहानि नहीं हुई और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की. योगी सरकार की तैयारियों के कारण महाकुम्भ में सुरक्षा सुनिश्चित की गई है.

हाकुंभ में अब तक 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया है, और यह संख्या आने वाले दिनों में 50 करोड़ के पार पहुंच सकती है. महाकुंभ में देश-विदेश से श्रद्धालु आकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं.

बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने महाकुंभ के दौरान भारत की सनातन संस्कृति की एकता को सराहा और कहा कि यह संस्कृति सभी भेदों को समाप्त कर मानवता को जोड़ने का कार्य करती है. उन्होंने संस्कृति की पहचान बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

महाकुंभ में पाकिस्तान से आये 68 हिंदू परिवारों ने संगम स्नान किया और अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन किया. उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्था की तारीफ की और सनातन आस्था के इस दिव्य-भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए भारत सरकार और यूपी सरकार का धन्यवाद किया.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने परिवार के साथ महाकुंभ में पवित्र स्नान किया. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की महाकुंभ की तैयारियों की सराहना की और नकारात्मकता फैलाने वालों को आड़े हाथ लिया.

महाकुंभ 2025 में ईशा गुप्ता ने संगम स्नान किया और योगी सरकार की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि वह एक सनातनी के रूप में महाकुंभ में आई हैं और यहां आकर उन्हें गौरव की अनुभूति हो रही है.

केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने महाकुंभ 2025 की दिव्यता और भव्यता की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके लिए धन्यवाद दिया.

महाकुंभ में नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगों की सेवा में जुटा हुआ है. संस्थान ने अब तक 50 ट्राई साइकिल और 150 से ज्यादा आर्टिफीशियल लिंब्स वितरित किए हैं.

विश्व के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक सम्मेलन महाकुंभ में भारत की सनातन आस्था से जुड़े हुए सभी मत, पंथ और संप्रदाय को मानने वाले प्रयाग में संगम तट पर एकत्रित होते हैं.