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2025 की पहली छमाही में भारत के टियर-1 शहरों में ₹3.6 लाख करोड़ के मकान बिके, प्रीमियम घरों की मांग में बड़ा उछाल

India Housing Market: 2025 की पहली छमाही में भारत के टियर-1 शहरों में ₹3.6 लाख करोड़ के घरों की बिक्री हुई. NCR बना सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट, जबकि चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में लग्जरी सेगमेंट की मांग तेजी से बढ़ी है.

India Housing Market

India Housing Market: 2025 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में भारत के प्रमुख टियर-1 शहरों में कुल ₹3.6 लाख करोड़ के घरों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹3.3 लाख करोड़ की तुलना में 9% अधिक है. यह जानकारी CREDAI और CRE Matrix की संयुक्त रिपोर्ट में सामने आई है.

हालांकि बेचे गए मकानों की संख्या में 4% की गिरावट आई—2024 की पहली छमाही में 2.7 लाख यूनिट्स की तुलना में इस बार 2.54 लाख यूनिट्स ही बिकीं—लेकिन औसत कीमतों में 14% की तेज बढ़त (₹1.42 करोड़) दर्ज की गई. इससे साफ है कि खरीदार अब ज्यादा प्रीमियम और लग्जरी घरों की ओर रुख कर रहे हैं.

NCR बना सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट

देश के कुल रेवेन्यू में 26% हिस्सेदारी के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सबसे आगे रहा. यहां बिक्री मूल्य में 21% की बढ़त और औसत घर की कीमत में 32% की तेज उछाल दर्ज हुई. खास बात यह रही कि NCR में बेचे गए कुल घरों की संख्या सिर्फ 25,000 रही, लेकिन इनमें से ₹3 करोड़ से ऊपर की कीमत वाले लग्जरी घरों ने कुल बिक्री मूल्य में 73% हिस्सेदारी दर्ज की.

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) दूसरे नंबर पर

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ने 23% बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया. यहां कुल 75,000 घर बिके और बिक्री मूल्य में 9% की वृद्धि दर्ज हुई. औसत कीमतों में 16% की बढ़ोतरी देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, ₹3.5 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी 29% से बढ़कर 34% हो गई, जो प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ती मांग को दर्शाता है.

दक्षिण भारत के शहरों में चेन्नई रहा चमकदार

चेन्नई में हाउसिंग मार्केट ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. यहां बिक्री मूल्य में 23% का इजाफा हुआ, 11,000 घर बिके और औसत कीमतों में 12% की बढ़ोतरी दर्ज हुई. बेंगलुरु में भी 30,000 घरों की बिक्री के साथ 4% की मूल्यवृद्धि हुई, हालांकि ₹70 लाख से ₹1.5 करोड़ वाले मिड-रेंज सेगमेंट की हिस्सेदारी घटी है. हैदराबाद में जहां बिक्री मूल्य में 2% की मामूली वृद्धि हुई, वहीं बिक्री वॉल्यूम में 11% की गिरावट आई.

अहमदाबाद और कोलकाता में भी दिखा बदलाव

अहमदाबाद ने NCR जितनी ही यूनिट्स (25,000 घर) बेचीं, और 10% मूल्य वृद्धि दर्ज की, हालांकि यहां नई परियोजनाएं काफी कम लॉन्च हुईं. वहीं कोलकाता में बिक्री मूल्य में 17% की बढ़ोतरी हुई, खासकर ₹3 करोड़ से अधिक के घरों की हिस्सेदारी 14% से बढ़कर 26% हो गई. पुणे को इस दौरान झटका लगा. यहां बिक्री मूल्य में 8.5% की गिरावट और वॉल्यूम में 14% की कमी आई, जहां कुल 45,000 घर बिके.

CREDAI के अध्यक्ष शेखर पटेल के अनुसार, “भारत के हाउसिंग बाजार में अब स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है. लोग अब बड़े, बेहतर लोकेशन वाले और प्रीमियम घरों की ओर झुक रहे हैं. NCR में बिक्री मूल्य में 21% की वृद्धि यह दिखाती है कि अब क्वालिटी और लोकेशन, मात्रा से ज्यादा मायने रखती है. यही ट्रेंड चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में भी देखने को मिल रहा है.”

नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में गिरावट

रिपोर्ट बताती है कि 2025 की पहली छमाही में टियर-1 शहरों में नई लॉन्चिंग्स घटकर 82,000 यूनिट्स रह गईं, जो कि पिछले साल की दूसरी छमाही में 98,000 थीं. इसका कारण इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और डेवलपर्स की सतर्कता माना जा रहा है.

CRE Matrix के CEO अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा, “भारतीय रेजिडेंशियल मार्केट में अब ढांचागत बदलाव हो रहे हैं. अब बात सिर्फ यूनिट्स की संख्या की नहीं है, बल्कि घरों के मूल्य, जीवनशैली और खरीदार के आत्मविश्वास की है. NCR और MMR जैसे बाजार इस बदलाव के लीडर हैं, जो दिखाता है कि अब लोग अपने सपनों के घर के लिए ज्यादा निवेश करने को तैयार हैं.”

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-भारत एक्सप्रेस 



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