सांकेतिक तस्वीर.
देश में डिजिटल सेवाओं के प्रसार के साथ आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने गुरुवार को बताया कि अगस्त 2025 में आधार नंबर से जुड़े प्रमाणीकरण लेनदेन 2210 करोड़ (221 करोड़) तक पहुंच गए. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 10.3 प्रतिशत अधिक है.
दिलचस्प बात यह है कि आधार फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Face Authentication) का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. अगस्त 2025 में 18.6 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या महज 6.04 करोड़ थी. यानी एक साल में तीन गुना से भी ज्यादा इजाफा.
1 सितंबर को बना 1.5 करोड़ ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड
UIDAI के मुताबिक, 1 सितंबर 2025 को अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना, जब अकेले एक दिन में 1.5 करोड़ से ज्यादा फेस ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन हुए. इससे पहले 1 अगस्त को 1.28 करोड़ का उच्चतम आंकड़ा दर्ज किया गया था.
प्राधिकरण का कहना है कि आधार आधारित लेनदेन में यह वृद्धि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) के तेजी से विस्तार की गवाही देती है. आज सरकारी योजनाओं से लेकर निजी सेवाओं तक, पहचान और सत्यापन के लिए आधार सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है.
e-KYC लेनदेन 38.53 करोड़ तक पहुंचे
इस समय 150 से अधिक संस्थान—जिनमें विभिन्न मंत्रालय और विभाग, बैंक, वित्तीय संस्थान, तेल विपणन कंपनियां और टेलीकॉम सेवा प्रदाता शामिल हैं—फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनकी मदद से लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ और सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है.
UIDAI ने यह भी बताया कि अगस्त 2025 में आधार से जुड़े 38.53 करोड़ ई-केवाईसी (e-KYC) लेनदेन हुए. ई-केवाईसी का इस्तेमाल खासकर बैंकिंग, फिनटेक और मोबाइल कनेक्शन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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