Adani Power: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति खामोशी से अपना रास्ता बना रही है, और इस बदलाव की अगुवाई कर रहा है अडानी ग्रुप. अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने एक ऐसा मील का पत्थर हासिल किया है, जिसने न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी धमक दिखाई है. कंपनी ने देशभर के विभिन्न बिजली वितरण निगमों (डिस्कॉम) में 1 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का आंकड़ा पार कर लिया है.
दिलचस्प बात यह है कि अडानी एनर्जी ने यह मुकाम तय समय से काफी पहले हासिल किया है. कंपनी ने पहले इसके लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा था, लेकिन अपनी तेज रफ्तार और ‘एग्जीक्यूशन’ की वजह से इसे आज ही पूरा कर दिखाया. अब कंपनी की नजर अगले वित्त वर्ष में एक और करोड़ मीटर लगाने पर है.
क्यों खास है यह उपलब्धि?
भारत सरकार की ‘रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) के तहत देशभर में 25 करोड़ पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इस रेस में अडानी एनर्जी सबसे आगे नजर आ रही है. कंपनी फिलहाल रोजाना करीब 25,000 मीटर लगा रही है, जो पूरे उद्योग में सबसे तेज रफ्तार है.
अडानी एनर्जी के सीईओ कंदर्प पटेल ने इस मौके पर कहा, “1 करोड़ का आंकड़ा पार करना हमारी टीम की मेहनत और नई तकनीक के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का नतीजा है. ये सिर्फ बिजली के मीटर नहीं हैं, बल्कि ये उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत का असली डेटा देकर उन्हें सशक्त बनाने का एक जरिया हैं.”
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क्या बदलेगा आपकी जिंदगी में?
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल को लेकर होने वाली चिक-चिक काफी हद तक खत्म हो जाएगी. इसकी खासियतें कुछ ऐसी हैं:
सटीक बिलिंग: अब किसी कर्मचारी के घर आकर रीडिंग लेने का इंतजार नहीं करना होगा. सब कुछ डिजिटल और सटीक होगा.
रियल-टाइम डेटा: आप अपने मोबाइल पर देख पाएंगे कि आपकी बिजली कहाँ और कितनी खर्च हो रही है.
बेहतर सर्विस: ग्रिड में खराबी होने पर बिजली कंपनियों को तुरंत पता चल जाएगा, जिससे बिजली कटौती का समय कम होगा.
चोरी पर लगाम: इससे बिजली की चोरी (AT&C नुकसान) कम होगी, जिसका फायदा अंततः ईमानदार उपभोक्ताओं को सस्ते टैरिफ के रूप में मिल सकता है.
कैसे मुमकिन हुई इतनी तेज रफ्तार?
अडानी ने इस काम के लिए एक पूरा ‘इकोसिस्टम’ तैयार किया है. कंपनी केवल मीटर नहीं लगा रही, बल्कि उसने अपने ग्रुप की अन्य कंपनियों जैसे ‘अडानी एसियासॉफ्ट’ को स्मार्ट सॉल्यूशंस और ‘अडानी कॉनेक्स’ को डेटा होस्टिंग के लिए साथ जोड़ा है. सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने अपनी सीएसआर (CSR) शाखा के जरिए हजारों युवाओं को ट्रेनिंग देकर ‘टेक्नीशियनों की एक फौज’ खड़ी की है, जो घर-घर जाकर मीटर लगा रहे हैं. इससे न केवल काम तेज हो रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा हो रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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