Bharat Express DD Free Dish

कोलकाता में अदाणी ग्रुप का बड़ा ऐलान, 2,000 बेड का अस्पताल बनेगा; आधे बेड पर गरीबों का मुफ्त इलाज

अडानी ग्रुप पश्चिम बंगाल के न्यू टाउन, कोलकाता में 2,000 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाएगा. इसमें 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए मुफ्त होंगे. जानें परियोजना की पूरी जानकारी.

पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अडानी ग्रुप ने एक बड़ा कदम उठाया है. अडानी ग्रुप ने कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में 2,000 बेड वाला एक अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित करने की योजना बनाई है. इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि अस्पताल के कुल 2,000 बेड में से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे, जहां उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. बाकी 1,000 बेड का उपयोग व्यावसायिक सेवाओं के लिए किया जाएगा.

इस परियोजना की जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दी गई. राज्य सरकार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में शुरू की गई विभिन्न विकास योजनाओं के तहत अदाणी ग्रुप ने न्यू टाउन में इस बड़े अस्पताल के निर्माण का लिखित आश्वासन दिया है. सरकार का मानना है कि यह अस्पताल न सिर्फ राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देगा, बल्कि पूर्वी भारत में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का एक बड़ा केंद्र भी बन सकता है.

गरीबों और आम मरीजों दोनों को मिलेगा फायदा

सरकार के अनुसार, अस्पताल का मॉडल ऐसा होगा जिसमें समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें. एक ओर जहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ निजी स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे अस्पताल की सेवाओं का दायरा व्यापक होगा और बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहा है अदाणी ग्रुप

अदाणी ग्रुप पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है. इसी क्रम में मई महीने में समूह ने बिहार के अखंड ज्योति हॉस्पिटल और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से “एसीई–अदाणी सेंटर फॉर आई डिजीजेज” की शुरुआत करने की घोषणा की थी. इस पहल का उद्देश्य लोगों, खासकर जरूरतमंद वर्ग, को सस्ती और आसानी से उपलब्ध नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है.

इसके साथ ही “एटीओएम अदाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक मेडिसिन” भी शुरू किया गया है. इस प्रशिक्षण केंद्र का मकसद नेत्र रोग विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों की नई पीढ़ी तैयार करना है, ताकि भविष्य में देशभर में गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा सके.

गौतम अदाणी ने बताई पहल की सोच

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश केवल अस्पताल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है. बिहार के मस्तीचक दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटाना सिर्फ एक चिकित्सीय उपलब्धि नहीं, बल्कि उसके जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान वापस लाने जैसा है.

दौरे के दौरान उन्होंने गायत्री शक्तिपीठ का भी भ्रमण किया और गायत्री परिवार तथा अखंड ज्योति संस्थान द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की.

दिल्ली में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मिला था सहयोग

अदाणी ग्रुप की सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत पिछले वर्ष दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल में रीनल केयर प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए आधारशिला ट्रस्ट के साथ साझेदारी की गई थी. इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को मजबूत करना और किडनी से जुड़ी बीमारियों के इलाज को अधिक प्रभावी बनाना है.


ये भी पढ़ें: अडानी केस को स्थायी रूप से खारिज करने की मांग, अमेरिकी न्याय विभाग बोला- ये आरोप कभी लगाए ही नहीं जाने चाहिए थे


कोलकाता में प्रस्तावित नया अस्पताल, बिहार में नेत्र चिकित्सा से जुड़ी पहल और दिल्ली में रीनल केयर प्रोजेक्ट जैसे कदम इस बात का संकेत देते हैं कि अदाणी ग्रुप स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सामाजिक और संस्थागत भागीदारी लगातार बढ़ा रहा है. यदि न्यू टाउन का यह अस्पताल तय योजना के अनुसार तैयार होता है, तो इससे पश्चिम बंगाल सहित आसपास के राज्यों के लाखों लोगों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read