मुंबई में शीर्ष डॉक्टरों के सम्मेलन सोसाइटी फॉर मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी-एशिया पैसिफिक (SMISS-AP) के 5वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने शुक्रवार (11 जुलाई) को घोषणा की कि समूह अगले पांच वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय निवेश की तैयारी कर रहा है.
गौतम अदाणी ने कहा, “इस प्रतिबद्धता का पैमाना और गति भारत के निजी क्षेत्र के इतिहास में अभूतपूर्व है क्योंकि हम भारत के उत्थान की रीढ़ को मजबूत करने में अपना योगदान दे रहे हैं, जिसमें 1.4 अरब सपने जुड़े हैं.” उन्होंने कहा कि ये निवेश अदाणी समूह के ‘भारत के भविष्य में विश्वास’ की अभिव्यक्ति हैं, जिसमें ऊर्जा ग्रिड, लॉजिस्टिक्स धमनियां और देश की औद्योगिक रीढ़ शामिल हैं.
सम्मेलन में गौतम अदाणी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने भारत की इकोनॉमी को उदार बनाना शुरू किया.
गौतम अदाणी ने कहा, “1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने आयात लाइसेंसिंग मानदंडों को आसान बनाकर हमारी अर्थव्यवस्था को उदार बनाना शुरू किया. यह एक शांत लेकिन महत्वपूर्ण सुधार था. ऐसा लगा जैसे आर्थिक दबाव का कोई द्वार खुल गया हो. 1991 में भारत अपने सबसे काले अध्यायों में से एक का सामना कर रहा था, जब उसके पास केवल दस दिनों का विदेशी मुद्रा भंडार बचा था. तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के निर्णायक नेतृत्व में, भारत ने एक ऐतिहासिक आर्थिक पुनर्निर्धारण की शुरुआत की. तीन शब्द इसे परिभाषित करते हैं- अवमूल्यन, विनियमन और वैश्वीकरण. इसने कई प्रमुख कॉर्पोरेट कंपनियों के पतन को चिह्नित किया, जिन्हें लाइसेंस राज का संरक्षण प्राप्त था. लेकिन पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए, हमारे लिए, यह उन पुनर्निर्माणों की चिंगारी थी जिनका हम इंतजार कर रहे थे… प्रगति कभी सीधी नहीं होती और सबसे बड़े अवसर लगभग हमेशा तूफान के दूसरी ओर ही उभरते हैं… भविष्य में यह विश्वास, अदाणी समूह के ऑपरेशन का डीएनए बन गया.”
सपने वो हैं जो नींद उड़ा देते हैं
कार्यक्रम में अदाणी अपने बारे में बोलते हुए कहा, “मैंने 16 साल की उम्र में अपना पहला साहसिक फैसला लिया. मैंने सेकंड क्लास का ट्रेन टिकट खरीदा और बिना किसी डिग्री, नौकरी और बैकअप के मुंबई के लिए रवाना हो गया, सिवाय अपनी राह खुद तय करने की तीव्र इच्छा के. मुंबई में मैंने जो भी हीरा तराशा, उसने मुझे धैर्य, सटीकता और दृढ़ता सिखाई. उद्यमिता कभी भी किसी बड़े सपने से शुरू नहीं होती. यह दृढ़ विश्वास की चिंगारी और काम करने के साहस से शुरू होती है, तब भी जब भविष्य अनिश्चित हो और यह सपने देखने और दूसरों के रास्ते में आने से पहले उनके साथ चलने के दृढ़ विश्वास से शुरू होती है..”
उन्होंने आगे कहा, “सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं, सपने वो हैं जो नींद उड़ा देते हैं.”
#WATCH | Mumbai: Addressing the 5th Annual Conference of the Society for Minimally Invasive Spine Surgery – Asia Pacific (SMISS-AP), Adani Group Chairman Gautam Adani says, “I made my first bold decision at the age of 16. I bought a second-class train ticket and left for Mumbai… pic.twitter.com/oRKHEksD6N
— ANI (@ANI) July 11, 2025
-भारत एक्सप्रेस
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