ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अरबपति गौतम अदाणी वियतनाम में 10 अरब डॉलर तक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जिससे इस दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश के प्रति अदाणी समूह की प्रतिबद्धता और गहरी होगी.
वियतनाम सरकार ने गुरुवार (31 जुलाई) को एक बयान में कहा कि अदाणी समूह वियतनाम में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और एआई जैसी नई तकनीकों में निवेश करने का इच्छुक है. भारतीय उद्योगपति और वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम के बीच पिछले दिनो में हनोई में बैठक भी हुई
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह बैठक वियतनाम के साथ अदाणी समूह के बढ़ते संबंधों का संकेत देती है और देश के चल रहे आर्थिक परिवर्तन में एक सार्थक भूमिका निभाने के समूह के इरादे को रेखांकित करती है.
लिएन चीउ पोर्ट में 2 अरब डॉलर का निवेश करेगा समूह
अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी द्वारा ब्लूमबर्ग न्यूज़ को दिए गए एक इंटरव्यू के अनुसार, पिछले साल वियतनामी सरकार ने अदाणी समूह को हनोई से लगभग 700 किलोमीटर दक्षिण में स्थित तटीय शहर दानंग में लिएन चीउ बंदरगाह को विकसित करने की सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी थी. इस परियोजना में अदाणी समूह 2 अरब डॉलर निवेश पर विचार कर रहा है.
ब्लूमबर्ग ने यह भी बताया है कि गौतम अदाणी का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा नहीं है. अदाणी ने उपकरण आपूर्तिकर्ताओं से बातचीत करने और रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए चीन का दौरा किया था, जो पूरे एशिया में संबंधों को गहरा करने के उनके व्यापक प्रयास का हिस्सा है.
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प्रस्तावित वियतनाम निवेश, प्रमुख विकासशील बाजारों में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफ़ॉर्म बनाने की अदाणी की रणनीति के अनुरूप है. जैसे-जैसे वियतनाम एक वैश्विक विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभर रहा है, बंदरगाहों और स्वच्छ ऊर्जा में अदानी समूह की रुचि देश के आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करेगी.
यदि पूरी तरह से क्रियान्वित किया जाता है, तो 10 अरब डॉलर की यह प्रतिबद्धता वियतनाम में किसी भारतीय कंपनी द्वारा अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेश वादों में से एक होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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