Bharat Express DD Free Dish

अडानी पोर्ट्स का नया प्लान, मुंद्रा में खाली कंटेनरों के लिए बनेगा खास यार्ड; वेयरहाउसिंग की भी सुविधा

Mundra Port Empty Container Yard: अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पोर्ट पर डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड बनाएगा. यहां स्टोरेज, जांच, रखरखाव और वेयरहाउसिंग की सुविधा मिलेगी.

Adani Mundra Port

अडानी मुंद्रा पोर्ट पर एक डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड बनेगा

Mundra Port Empty Container Yard: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर एक डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड बनाने की योजना का ऐलान किया है. इस यार्ड में खाली कंटेनरों को रखने के साथ-साथ वेयरहाउसिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

कंपनी के मुताबिक, इस नई सुविधा में खाली कंटेनरों की स्टोरेज, जांच, रखरखाव और आगे भेजने का काम एक ही जगह से किया जा सकेगा. जरूरत के अनुसार कंटेनरों को एक्सपोर्टर्स और कंटेनर फ्रेट स्टेशंस (CFS) तक भेजा जाएगा.

लॉजिस्टिक्स लागत कम करने पर जोर

APSEZ का कहना है कि नई सुविधा से कंटेनरों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और तेज होगी. इससे अनावश्यक ट्रांसपोर्ट मूवमेंट कम करने में मदद मिलेगी और लॉजिस्टिक्स की लागत भी घट सकती है. यह परियोजना कंपनी की ‘Ambition 2031’ रणनीति का हिस्सा है. इसके तहत APSEZ अगले पांच साल में अपनी कंटेनर हैंडलिंग क्षमता में 60 लाख TEU से ज्यादा की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है.

भारत के कंटेनर कारोबार में मुंद्रा की बड़ी हिस्सेदारी

मुंद्रा पोर्ट भारत के कंटेनर कारोबार के प्रमुख केंद्रों में शामिल है. कंपनी के अनुसार, मुंद्रा देश के करीब 35 फीसदी कंटेनर व्यापार को संभालता है. वहीं, वित्त वर्ष 2026 में APSEZ की भारत के कंटेनर बाजार में हिस्सेदारी 45.5 फीसदी रही.

मुंद्रा पोर्ट पर हर साल करीब 16 लाख TEU खाली कंटेनरों को संभाला जाता है. ऐसे में नया डेडिकेटेड यार्ड कंटेनर संचालन को और बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.


ये भी पढ़ें: BJP ही नहीं, कांग्रेस-विपक्षी राज्यों में भी अडानी का 5 लाख करोड़ का दांव, कर्नाटक से केरल तक मेगा प्रोजेक्ट्स


कंटेनर लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा

APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि नई सुविधा से पूरे कंटेनर इकोसिस्टम को मजबूत करने और व्यापार से जुड़ी लॉजिस्टिक्स को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलेगी. APSEZ फिलहाल 16 पोर्ट और टर्मिनल संचालित करती है और उसके पास 136 जहाजों का बेड़ा है. कंपनी की मौजूदा कार्गो हैंडलिंग क्षमता करीब 653 मिलियन टन सालाना है, जो भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 27 फीसदी है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने कुल कार्गो थ्रूपुट को बढ़ाकर 1 अरब टन करने का है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read