Adani Power Supply: भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (APL) को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से 1,600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिल गया है. यह करार लंबे समय के लिए है और कंपनी अपने आने वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट से यह बिजली देगी.
अदाणी पावर ने इस प्रोजेक्ट के लिए हुई कड़ी बोली में हिस्सा लिया. कंपनी ने सबसे कम टैरिफ यानी 5.30 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा का ऑफर दिया और बोली जीत ली. यह 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) होगा. बिजली की सप्लाई वित्तीय वर्ष 2030-31 से शुरू होगी. इस जीत से कंपनी को महाराष्ट्र में भरोसेमंद बिजली देने का मौका मिला है.
देश में थर्मल पावर का तेज विकास
अदाणी पावर पिछले कुछ समय से थर्मल पावर सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है. कंपनी ने कहा है कि भारत को 2032 तक 100 गीगावाट नई थर्मल पावर क्षमता जोड़नी है. इसी लक्ष्य को पूरा करने में अदाणी पावर अहम भूमिका निभा रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने कुल 10,400 मेगावाट की पांच लंबी अवधि की PSA जीती हैं. इस LoA के साथ कंपनी की कुल लंबी अवधि की PSA क्षमता 13.3 गीगावाट हो गई है. कंपनी के पास अभी 23.8 गीगावाट क्षमता निर्माणाधीन है.
CEO एस.बी. ख्यालिया का बयान
अदाणी पावर के CEO एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में लंबे समय तक भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है. MSEDCL से मिला यह LoA हमारी कम लागत, भरोसेमंद बेसलोड पावर और देश की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है. हम महाराष्ट्र और पूरे देश के विकास में सस्ती और भरोसेमंद बिजली देकर मदद करना चाहते हैं.”
ईंधन की सुरक्षा, विस्तार योजना
इस बोली में पहले से तय कोयला लिंकेज है, जिससे ईंधन की लंबी अवधि की सुरक्षा मिलेगी. इससे बिजली सस्ती और भरोसेमंद रहेगी. अदाणी पावर अपनी मौजूदा 18.15 गीगावाट क्षमता को बढ़ाकर 41.87 गीगावाट तक ले जाना चाहती है. यह काम FY31-32 तक पूरा होगा. कंपनी करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है. इन प्रोजेक्ट्स से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और कई सेक्टरों में विकास होगा.
अदाणी पावर का मौजूदा रिकॉर्ड
अदाणी पावर के पास फिलहाल 18,110 मेगावाट थर्मल पावर क्षमता है. यह गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में फैली है. इसके अलावा गुजरात में 40 मेगावाट का सोलर प्लांट भी है. कंपनी का 95 प्रतिशत से ज्यादा मौजूदा कैपेसिटी मध्यम से लंबी अवधि के PSA से बंधा है. आने वाली क्षमता का 55 प्रतिशत से ज्यादा भी 25 साल के PSA से सुरक्षित है. इससे कंपनी को राजस्व और वॉल्यूम की अच्छी स्थिरता मिलती है.
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