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हवाई यात्री ध्यान दें! एयर इंडिया ने दिया भारी झटका, पहले बढ़ाया रेट अब उड़ानों में कटौती

लगातार बढ़ती जेट फ्यूल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण एयर इंडिया ने रोजाना 100 फ्लाइट्स कम करने का निर्णय लिया है. इसका सबसे ज्यादा असर यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ेगा.

Air India to Cut 100 Daily Flights Due to Rising Jet Fuel Prices International Routes Affected

आसमान छूती महंगाई और महंगे तेल ने अब आपकी फ्लाइट्स पर कैंची चलाना शुरू कर दिया है. देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने बढ़ते खर्चों के बोझ तले दबकर रोजाना अपनी करीब 100 उड़ानों को कम करने का बड़ा फैसला लिया है.

क्यों लिया गया ये फैसला?

इस कटौती की सबसे बड़ी वजह है जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी. मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर हैं. आज यानी 1 मई 2026 को ही अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए जेट ईंधन की कीमत में 76.55 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोलीटर का बड़ा उछाल देखने को मिला है. दिल्ली जैसे शहरों में तो ईंधन के दाम मार्च के मुकाबले लगभग दोगुने हो चुके हैं.

इन रूट्स पर पड़ेगा ज्यादा असर

एयर इंडिया फिलहाल रोजाना लगभग 1,100 उड़ानें भरती है, लेकिन जून के नए शेड्यूल में अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भारी कटौती दिखने वाली है.

  • यूरोप और नॉर्थ अमेरिका: इन लंबी दूरी की फ्लाइट्स पर ईंधन का खर्च सबसे ज्यादा आता है.
  • ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर: इन लोकप्रिय रूट्स पर भी यात्रियों को कम फ्लाइट्स के विकल्प मिलेंगे.

स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र (Airspace) के बंद होने ने. इसके कारण विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे न सिर्फ ईंधन की खपत बढ़ी है, बल्कि क्रू का खर्च भी काफी बढ़ गया है.

सरकार से मदद की गुहार

एक एयरलाइन के संचालन में लगभग 40% खर्च सिर्फ ईंधन पर होता है. ऐसे में ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेल रही एयर इंडिया के लिए पुरानी लय में उड़ना मुश्किल हो गया है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA), जिसमें इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, सरकार को पहले ही आगाह कर चुकी है कि अगर लागत कम करने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो कई और सेवाएं निलंबित करनी पड़ सकती हैं.

आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?

जब उड़ानें कम होंगी और डिमांड वैसी ही रहेगी, तो जाहिर है कि टिकटों की कीमतें आसमान छुएंगी. एयर इंडिया के अधिकारियों का साफ कहना है कि कई रूट्स पर तो वे अपनी लागत तक वसूल नहीं पा रहे हैं, इसलिए उड़ानें घटाना अब उनकी मजबूरी बन गई है. टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस के लिए भी एयरलाइन को इस वित्तीय संकट से बाहर निकालना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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