Vodafone Idea AGR Dues Finalized: DoT ने Vi के बकाये में कटौती की है और भुगतान के लिए 2041 तक का लंबा समय दिया है. अब कंपनी को भारी किस्तों का भुगतान 2036 से शुरू करना होगा, जिससे उसे तत्काल कैश फ्लो और नेटवर्क सुधार के लिए बड़ी राहत मिल गई है.
बकाये की राशि में बड़ी कमी
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने 31 दिसंबर तक के लिए उसके ‘एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू’ (AGR) बकाये को ‘₹64,046 करोड़’ पर अंतिम रूप दे दिया है. यह राशि पहले के अनुमानित ₹87,685 करोड़ से काफी कम है, जिससे कंपनी के ऊपर से अनिश्चितता के बादल हट गए हैं.
इस स्पष्टता के बाद अब कंपनी अपनी भविष्य की योजनाओं पर बेहतर ढंग से ध्यान दे सकेगी.
किस्तों में भुगतान का नया शेड्यूल
भुगतान योजना के तहत, वोडाफोन आइडिया वित्त वर्ष 2032 (FY32) से वित्त वर्ष 2035 (FY35) के बीच चार वर्षों तक हर साल ‘₹100 करोड़’ का न्यूनतम भुगतान करेगी. इसके बाद, बची हुई बड़ी राशि का भुगतान वित्त वर्ष 2036 से वित्त वर्ष 2041 के बीच छह वार्षिक किस्तों में किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक किस्त ‘₹10,608 करोड़’ की होगी.
यह लंबी भुगतान अवधि कंपनी को अपनी नकदी (Cash Flow) को संभालने का पर्याप्त मौका देगी.
FY18 और FY19 के बकाये का भुगतान
वोडाफोन आइडिया को मार्च 2026 से मार्च 2031 के बीच ‘₹124 करोड़’ का भुगतान भी करना होगा. यह राशि वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बकाये की है, जो पुनर्मूल्यांकन (Reassessment) प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थी. चूंकि इन वर्षों के बकाये को 2020 में ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम रूप दिया जा चुका था, इसलिए इनका भुगतान पहले शुरू करना अनिवार्य है.
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया
यह राहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश और दूरसंचार विभाग की ‘डिटेक्शन वेरिफिकेशन गाइडलाइन्स’ (DVG) के आधार पर मिली है. इस बकाये की जांच के लिए 30 जनवरी, 2026 को एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी, जिसमें भारत सरकार के एक सेवानिवृत्त सचिव और CAG के प्रतिनिधि शामिल थे.
समिति द्वारा तय किया गया यह पुनर्मूल्यांकन परिणाम अंतिम है और इसे सरकार व कंपनी दोनों ने स्वीकार कर लिया है.
भविष्य की राह हुई आसान
इस विस्तृत भुगतान योजना और बकाये में कमी से वोडाफोन आइडिया के पास परिचालन सुधार और नेटवर्क निवेश (5G रोलआउट आदि) के लिए एक लंबा रास्ता मिल गया है. इससे कंपनी पर तत्काल वित्तीय दबाव कम होगा, जिससे वह नए निवेशक जुटाने और भारतीय दूरसंचार बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा सकेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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