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गरीबी में आटा गीला! आखिर बैंको ने क्यों निकाल लिए आपकी जेब से 9,000 हजार करोड़?

आपकी कमाई है या नहीं इस बात से बैंकों को कोई फर्क नहीं पड़ता है. सायद इसी कारण से बैंकों ने 5 साल में ग्राहकों से 9 हजार करोड़ जुर्माना लगाया है. ये बात सरकार ने सदन में स्वीकार किया है.

minimum average balance

बैंकों ने क्यों काटे इतने पैसे?

Minimum Average Balance: कई बैंकों में अकाउंट खोलने के साथ एक शर्त रखी जाती है कि ग्राहकों को अपने खाते में एक न्यूनतम रकम रखनी होती है, जिसे एवरेज मंथली बैलेंस (MAB) कहा जाता है. यदि ग्राहक इस शर्त को पूरा नहीं करते हैं, तो बैंक उनसे जुर्माना वसूलते हैं. राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक सवाल पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने बताया है कि बैंकों ने पिछले 5 साल में 9 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये का जुर्माना लगाया है. सबसे ज्यादा जुर्माना इंडियन बैंक ने लगाया है, जिसने 5 साल में 1828.18 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.

7 बैंकों ने बंद किया जुर्माना

हालांकि, ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि 7 बैंकों ने अब इस तरह का जुर्माना लगाना बंद कर दिया है. इन बैंकों में केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, और यूनियन बैंक शामिल हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहले से ही इस आधार पर कोई जुर्माना नहीं वसूलता था.

बैंक का नाम जुर्माने की राशि
बैंक ऑफ बड़ौदा
1531.62 करोड़ रुपये
बैंक ऑफ इंडिया
809.66 करोड़ रुपये
बैंक ऑफ महाराष्ट्र
535.20 करोड़ रुपये
केनरा बैंक
1212.92 करोड़ रुपये
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
585.36 करोड़ रुपये
इंडियन बैंक
1828.18 करोड़ रुपये
इंडियन ओवरसीज बैंक 62.04 करोड़ रुपये
पंजाब एंड सिंध बैंक
100.92 करोड़ रुपये
पंजाब नेशनल बैंक
1662.42 करोड़ रुपये
यूको बैंक
119.91 करोड़ रुपये
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
484.75 करोड़ रुपये

मिनिमम एवरेज बैलेंस क्या है? (Minimum Average Balance)

मिनिमम एवरेज बैलेंस का मतलब है कि ग्राहकों को अपने खाते में एक न्यूनतम रकम रखनी होती है, जो बैंक द्वारा तय की जाती है. इसका हिसाब लगाने के लिए एक उदाहरण लेते हैं. यदि आपके बैंक का MAB 5000 रुपये है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपने खाते में हमेशा 5000 रुपये रखने होते हैं. यदि आपने अपने खाते में पहली तारीख को 30,000 रुपये जमा किए और फिर उसे निकाल लिया, तो भी आपका औसत बैलेंस 1000 रुपये होगा, यदि बैंक ने MAB की राशि 1000 रुपये तय की है.

वित्त वर्ष जुर्माने की राशि
2020-21
1142.13 करोड़ रुपये
2021-22
1428.53 करोड़ रुपये
2022-23
1855.43 करोड़ रुपये
2023-24
2341.08 करोड़ रुपये
2024-25
2176.41 करोड़ रुपये

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बैंकों द्वारा मिनिमम एवरेज बैलेंस (Minimum Average Balance) की शर्त और जुर्माना लगाना एक आम बात है. हालांकि, अब 7 बैंकों ने इस तरह का जुर्माना लगाना बंद कर दिया है, जो ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर है. ग्राहकों को अपने खाते में न्यूनतम रकम रखने की शर्त और जुर्माने के बारे में पता होना चाहिए, ताकि वे अपने खाते को सही तरीके से प्रबंधित कर सकें.



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