Dighi Port News: महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट को अब देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. मदरसन (Motherson) की साझेदारी वाली कंपनी सम्वर्धना मदरसन हमाक्योरेक्स इंजीनियर्ड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (SAMRX) ने यहां पर एक बड़ा ऑटो एक्सपोर्ट टर्मिनल विकसित करने के लिए दिघी पोर्ट लिमिटेड (DPL) के साथ समझौता किया है. DPL, अडानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) की कंपनी है.
इस समझौते के बाद दिघी पोर्ट मुंबई से पुणे तक फैली ऑटो बेल्ट के लिए नया प्रमुख निर्यात केंद्र बन जाएगा. APSEZ के 15 बड़े बंदरगाहों में शामिल दिघी पोर्ट अब भारत की ऑटो इंडस्ट्री की तेज़ी से बढ़ती मांग को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा. यह पहल “मेक इन इंडिया” मिशन को भी गति देगी, क्योंकि यहां से गाड़ियों का निर्यात और आयात पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा.
अडानी पोर्ट कंपनी ने बताया गेमचेंजर
इस साझेदारी को लेकर अडानी पोर्ट्स और SEZ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने साझेदारी को गेमचेंजर बताया. उन्होंने कहा,
मदरसन के साथ यह साझेदारी भारत की ऑटोमोबाइल लॉजिस्टिक्स दुनिया को नई दिशा देगी. APSEZ की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और मदरसन की विशेषज्ञता मिलकर देश में गाड़ियों की आवाजाही को तेज, सुरक्षित और आसान बनाएगी. नया रो रो टर्मिनल व्यापार को गति देगा, सप्लाई चेन की लागत घटाएगा और ग्राहकों व आम लोगों को बड़ा फायदा देगा.
वहीं मदरसन ग्रुप के उपाध्यक्ष लक्ष वामन सेहगल ने इसे कंपनी की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा,
यह साझेदारी हमारे मकसद को मजबूत करती है कि हम ऑटो इंडस्ट्री को एकीकृत, विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स सेवाएं दें. दिघी पोर्ट पर नया रो रो टर्मिनल बनाकर हम अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं. इससे वाहन निर्माता कंपनियों की लागत कम होगी और सप्लाई चेन और बेहतर चलेगी.
नया रो रो टर्मिनल क्या बदलेगा?
दिघी पोर्ट पर बनने वाला यह टर्मिनल देश के सबसे आधुनिक ऑटो एक्सपोर्ट केंद्रों में से एक होगा. SAMRX इसमें निवेश करके गाड़ियों की फैक्टरी से बंदरगाह तक की यात्रा को एक ही सिस्टम में जोड़ देगा.
टर्मिनल की खासियतें-
- एक ही जगह गाड़ी उतारना, जांच, चार्जिंग, स्टोर करना और जहाज में चढ़ाना
- एआई आधारित यार्ड प्रबंधन, जिससे गाड़ियां बिना देरी आगे बढ़ें
- महाराष्ट्र की ऑटो बेल्ट के लिए सबसे तेज़ मार्ग (NH 66 से सीधा कनेक्शन)
- 1.3 किमी लंबा रो रो जेट्टी, जो हर मौसम में बिना रुकावट काम करेगा
- इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात के लिए पूरी तरह तैयार लॉजिस्टिक्स हब
- वाहन निर्माता कंपनियों को रियल टाइम में गाड़ियों की जानकारी देने वाले डिजिटल डैशबोर्ड
क्यों खास है दिघी पोर्ट?
पश्चिमी तट पर स्थित दिघी पोर्ट महाराष्ट्र के औद्योगिक इलाकों के लिए एक बड़े प्रवेश द्वार की तरह काम करता है. यहां,
- बंद गोदाम
- टैंक फार्म
- बड़े खुले स्टॉकयार्ड
- सीधी जहाज लगने की सुविधा
- मजबूत सड़क संपर्क
इनके कारण यह तेल, रसायन, कंटेनर और बल्क कार्गो आसानी से संभाल सकता है. अब रो रो सुविधा जुड़ने से इसे भविष्य के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में और मजबूत माना जा रहा है.
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APSEZ: देश के पोर्ट सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत
अडानी समूह की कंपनी APSEZ आज भारत की सबसे बड़ी पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनी है. कंपनी समुद्र से लेकर सड़क तक पूरा माल परिवहन खुद संभालती है. इसके पास,
- 15 बड़े पोर्ट
- 127 जहाजों का बेड़ा
- 12 मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क
- 31 लाख वर्ग फीट गोदाम
- 25 हजार से ज्यादा ट्रक
APSEZ अभी हर साल 633 मिलियन टन माल संभालती है, जो भारत के कुल पोर्ट ट्रैफिक का 28 प्रतिशत है. कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक इसे 1 अरब टन तक पहुंचाया जाए. कंपनी विश्व के सबसे स्थायी परिवहन समूहों में गिनी जाती है और इसके कई बंदरगाह विश्व बैंक की कंटेनर पोर्ट रैंकिंग में शामिल हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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