GST Rate Cut: त्योहारों के मौसम से पहले कई नियमित घरेलू ज़रूरतों पर जीएसटी में कटौती से खपत में तेज़ी आने की उम्मीद है, जिसमें कई सुस्त तिमाहियों के बाद अभी-अभी सुधार के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं. कंपनियों को उम्मीद है कि साबुन, शैम्पू और हेयर ऑयल से लेकर नमकीन तक, सभी उत्पादों की मांग में तेज़ी आएगी. “यह एक बड़ा बदलाव है. हानिकारक वस्तुओं को छोड़कर, लगभग सभी खाद्य पदार्थ 5% कर स्लैब में हैं.
पारले प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष मयंक शाह ने कहा. पारले प्रोडक्ट्स, जो दीर्घकालिक मांग में सुधार के लिए जीएसटी में बदलाव पर दांव लगा रहे हैं. शाह ने कहा कि बड़े पैक की कीमतों में कुछ कमी आएगी, जबकि छोटे पैक में कर कटौती का लाभ मुख्य रूप से ग्रामेज में वृद्धि के माध्यम से दिया जाएगा.
कीमतों में कमी का असर बाजार में आने वाले नए स्टॉक पर दिखेगा
हालांकि, एक उद्योग विशेषज्ञ ने कहा कि कीमतों में कमी का असर केवल बाजार में आने वाले नए स्टॉक पर ही दिखाई देगा. जो पैक पहले से ही खुदरा दुकानों पर हैं, उन पर दोबारा स्टिकर लगाना एक चुनौती हो सकती है. विशेषज्ञ ने कहा कि 22 सितंबर के बाद नई कीमतें लागू होने पर बड़े आकार के पैक रियायती कीमतों पर बेचे जा सकते हैं. उपभोग को व्यापक बढ़ावा ऐसे समय में मिल रहा है जब ट्रम्प के टैरिफ से श्रम-प्रधान निर्यातोन्मुखी क्षेत्रों की वृद्धि को नुकसान पहुँचने का खतरा है.
FMCG पैक्स की कीमतों में कटौती
आईटी और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में मंदी ने भी मांग में गिरावट को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी थीं. जीएसटी में कटौती एक समयोचित और परिवर्तनकारी कदम है. भारत में त्योहारों के मौसम के आगमन के साथ ही उपभोक्ता भावना में नई ऊर्जा का संचार होगा. यह उपभोक्ताओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला और FMCG क्षेत्र के विकास को गति देने वाला है. डाबर के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा, “यह सुधार न केवल लाखों परिवारों के लिए शैंपू, साबुन और टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को अधिक किफायती बनाता है, बल्कि समावेशी विकास और घरेलू उपभोग में सुधार के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता का भी संकेत देता है.” उन्होंने आगे कहा कि यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में मांग के लिए एक “शक्तिशाली उत्प्रेरक” के रूप में कार्य करेगा.
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर और अप्रत्यक्ष कर प्रमुख महेश जयसिंह ने कहा कि सामान्य उपयोग की वस्तुओं पर कर में उल्लेखनीय कमी से परिवारों को बहुत आवश्यक राहत मिली है, जबकि खाद्य पदार्थों पर छूट वर्गीकरण विवादों को कम करने में मदद करती है, जो GST 2.0 की भावना को दर्शाता है. बीसीजी के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ पार्टनर नमित पुरी ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक्स पर कर दरों में कमी करके, यह सुधार उपभोग की एक नई लहर को जन्म देगा, निवेशकों की भावना को मजबूत करेगा और विकास को सार्थक गति प्रदान करेगा.
नवरात्रि के पहले दिन से हो रहा लागू
यह कर नवरात्रि के समय से ही लागू हो रहा है, जब त्योहारी खरीदारी का पहला चरण शुरू होता है. कंपनियों को चिंता थी कि कर के देरी से लागू होने से नवरात्रि के महत्वपूर्ण समय में मांग कम हो जाएगी.
दवाइयाँ होंगी सस्ती
जीवन रक्षक, कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और पुरानी चिकित्सा पर जीएसटी में कटौती से दवाओं की कीमतें कम होने और इलाज को और अधिक किफायती बनाने की उम्मीद है. इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “जीएसटी सुधार एक स्वागत योग्य और ऐतिहासिक कदम है.” 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है, और कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है. अन्य सभी दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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