Bharat Express DD Free Dish

फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया! FSSAI की बड़ी कार्रवाई, सीजी फूड और ब्रिटिश लाइफ़साइंसेज पर शिकंजा

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुरुवार को कहा कि उसने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बाद सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है.

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. राजस्थान के अजमेर जिले के रूपनगढ़ स्थित कंपनी की यूनिट में जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं. इसके बाद नियामक ने कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल रोकने का निर्देश दिया है.

FSSAI के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान करीब 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया गया. जब्त सामग्री में खुले में रखे गए टूटे हुए नूडल्स भी शामिल थे. अधिकारियों का आरोप है कि फर्श से इकट्ठा किए गए इन टूटे नूडल्स को बिना जरूरी हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस किया जा रहा था और उनका इस्तेमाल भुजिया जैसे उत्पादों को तैयार करने में किया जा रहा था.

बिना लाइसेंस उत्पादन और पैकेजिंग पर भी सवाल

जांच के दौरान “वाई-वाई मामा” और “वाई-वाई मामा पुंटे” नाम से वेज भुजिया के उत्पादन की बात भी सामने आई. FSSAI के अनुसार, इन उत्पादों का निर्माण जरूरी लाइसेंस के बिना किया जा रहा था. यह खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31(1) का उल्लंघन है.

मामला सिर्फ उत्पादन प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा. अधिकारियों को पैकेजिंग से जुड़ी भी अनियमितताएं मिलीं. आरोप है कि कुछ पैकेटों पर पिछली तारीखें डाली जा रही थीं. ऐसे मामलों में पैकेज पर सही निर्माण और तारीख संबंधी जानकारी देना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर उत्पाद की वैधता और उपभोक्ता की सुरक्षा जुड़ी होती है.

साफ-सफाई और रिकॉर्ड में भी मिली कमियां

निरीक्षण के दौरान यूनिट की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे. FSSAI ने बताया कि प्लांट में पर्याप्त पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे. इसके अलावा खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े दूसरे जरूरी मानकों में भी कमियां पाई गईं.

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मौके से कई नियामकीय नमूने लिए हैं. इनमें खुले में रखी नूडल्स सामग्री, दोनों वेज भुजिया उत्पाद, फ्राइंग लाइन में इस्तेमाल किया जा रहा कुकिंग ऑयल और “वाई-वाई रेडी टू ईट नूडल्स” शामिल हैं. इन नमूनों को लैब जांच के लिए भेजा जाएगा. जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा.

FSSAI ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मियाद खत्म हो चुके तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी मिले, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है. इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

नियामक ने कंपनी को जरूरी मंजूरी और सुधारात्मक कदम उठाए बिना वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन बंद रखने का निर्देश दिया है. FSSAI का कहना है कि लैब जांच और निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बेंगलुरु में भी बेबी फूड कंपनी पर कार्रवाई

इसी दिन FSSAI ने कर्नाटक के बेंगलुरु में ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की. यहां निरीक्षण के दौरान गलत लेबल वाले और एक्सपायर्ड शिशु खाद्य उत्पाद पाए गए.

बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले खाद्य उत्पादों को लेकर नियामक पहले से ही ज्यादा सतर्कता बरत रहा है. इसी अभियान के तहत कंपनी के यहां बड़ी मात्रा में गलत लेबल वाले बेबी फूड उत्पाद जब्त किए गए और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.

यह भी पढ़ें- माखन-मिश्री से लेकर मोर-मुकुट तक… इस जन्माष्टमी बाजारों में बरसेगा रिकॉर्ड पैसा

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read