Bharat Express DD Free Dish

महंगाई पर मोदी का वार! 8 साल बाद GST में बदलाव, आम आदमी की जेब पर अब नहीं भारी पड़ेंगी रोजमर्रा की चीजें

GST Reforms 2025 Modi Government: सरकार का दावा है कि नए ढांचे से टैक्स सिस्टम आसान होगा और इसका उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि यह सुधार राज्यों की सहमति से संभव हुआ है.

GST Reforms 2025 Modi Government

GST Reforms 2025 Modi Government: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से एलान किया था कि इस दिवाली जनता को बड़ा तोहफा दिया जाएगा. आठ साल पहले शुरू हुए जीएसटी (GST) में रिफॉर्म कर आम जनता को बड़ी राहत दे दी है. 22 सितंबर से लागू जीएसटी रिफॉर्म की वजह से आम जनता को काफी राहत मिलेगी.

मोदी सरकार ने 4 टैक्स स्लैब की जगह अब सिर्फ दो 5 फीसदी और 18 फीसदी रखा गया है. वहीं लग्जरी और सिन प्रोडक्ट्स पर 40 फीसदी टैक्स लगेगा.

क्यों ये बदलाव था जरूरी

2017 में जीएसटी लागू हुआ था. जिसमें केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क और राज्य सरकारों के वैट करों को समेटकर एक कर व्यवस्था कर दी. इसमें 4 टैक्स स्लैब थे- 5%, 12%, 18% और 28%. इसमें से कुछ उत्पादों पर अलग से कंपनसेशन सेस भी लगता था.

सरकार का दावा है कि नए ढांचे से टैक्स सिस्टम आसान होगा और इसका उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि यह सुधार राज्यों की सहमति से संभव हुआ है. इसकी वजह से अर्थव्यवस्था में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत को बढ़ावा मिलेगा.

क्या सस्ता होगा?

जीएसटी रिफॉर्म लागू होने से सबसे बड़ा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.

दूध और डेयरी उत्पाद: पैक्ड दूध अब पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है. घी, मक्खन, पनीर और चीज़ पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है.
खाद्य सामग्री: आटा, चावल, दाल जैसी बुनियादी चीज़ों पर कोई टैक्स नहीं. पास्ता, बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और यहां तक कि चॉकलेट व कोको उत्पाद भी 5% स्लैब में आ गए हैं.

सरकार का दावा है कि नए ढांचे से टैक्स सिस्टम आसान होगा और उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि यह सुधार राज्यों की सहमति से संभव हुआ है और इससे अर्थव्यवस्था में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत को बढ़ावा मिलेगा.

क्या होगा सस्ता

सबसे बड़ा असर रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा.

  • दूध और डेयरी उत्पाद: पैक्ड दूध अब पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है. घी, मक्खन, पनीर और चीज़ पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है.
  • खाद्य सामग्री: आटा, चावल, दाल जैसी बुनियादी चीज़ों पर कोई टैक्स नहीं. पास्ता, बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और यहां तक कि चॉकलेट व कोको उत्पाद भी 5% स्लैब में आ गए हैं.
  • ड्राई फ्रूट्स: बादाम, काजू, पिस्ता, खजूर अब सिर्फ 5% टैक्स पर मिलेंगे.
  • नमकीन व स्नैक्स: भुजिया, मिक्सचर जैसी चीज़ें 18% से घटकर 5% में आ गई हैं.
  • हेल्थ व एजुकेशन: ज़रूरी दवाएं और मेडिकल उपकरण 5% या टैक्स-फ्री. किताबें और लर्निंग एड्स भी सस्ते हुए हैं.
  • उपभोक्ता वस्तुएं: टीवी, वॉशिंग मशीन और एंट्री-लेवल गाड़ियों पर अब 18% जीएसटी लगेगा. शैम्पू, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल पर टैक्स घटकर 5% रह गया है.
  • ऑटो सेक्टर: छोटी कारें और 350cc तक की बाइकों पर अब 18% टैक्स लगेगा. कार के पुर्ज़ों पर भी टैक्स घटा है.
  • इंश्योरेंस: व्यक्तिगत जीवन व स्वास्थ्य बीमा पर अब कोई टैक्स नहीं.

क्या होगा महंगा

सुधारों के बीच कुछ चीजें महंगी भी होंगी.

  • कोयला: अब 5% की बजाय 18% पर टैक्स लगेगा.
  • लक्ज़री गाड़ियां और बड़ी बाइक्स: 350cc से ऊपर की बाइक और बड़ी कारों पर सीधा 40% कर.
  • सिन गुड्स: पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और शराब जैसी चीजों पर ऊंचा टैक्स 40% जारी रहेगा.
  • मनोरंजन: कैसिनो, रेस क्लब, ऑनलाइन गेमिंग और आईपीएल टिकट पर भी अब 40% टैक्स लगेगा.

कंपनियों ने भी दी राहत

सरकार के ऐलान के तुरंत बाद कई कंपनियों ने अपने उत्पाद सस्ते करने की घोषणा की. मारुति, हुंडई, महिंद्रा, टाटा, टोयोटा से लेकर मर्सिडीज़ और बीएमडब्ल्यू तक ने कीमतों में कटौती की है. टोयोटा ने अपनी लेजेंडर एसयूवी पर 3.34 लाख रुपये तक सस्ता करने का ऐलान किया है.

एफएमसीजी दिग्गज जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, इमामी और पी एंड जी ने भी कहा है कि वे नए टैक्स दरों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएंगे. अमूल और मदर डेयरी जैसी कंपनियों ने दूध व डेयरी उत्पादों की कीमतें घटाने का एलान कर दिया है.

ये भी पढ़ें- Katrina Kaif और Vicky Kaushal ने किया Pregnancy Announcement, सोशल मीडिया पर शेयर किया प्यारा पोस्ट

अर्थव्यवस्था पर असर

सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि नया ढांचा खपत को बढ़ाएगा. बजट में पहले ही आयकर में राहत दी जा चुकी है, अब टैक्स घटने से लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा.

एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेटी का कहना है कि आवश्यक वस्तुएं सस्ती होने से न सिर्फ घरों की बचत बढ़ेगी बल्कि उपभोग और कर्ज़ की मांग भी बढ़ेगी. वहीं

सीआईआई के आर्थिक मामलों की परिषद के चेयरमैन आर. दिनेश का कहना है कि यह सुधार मध्यमवर्ग और उद्योग दोनों को गति देगा.

पीएम मोदी के वादे की तस्वीर

दरअसल, यह सुधार सिर्फ टैक्स स्लैब बदलने की कहानी नहीं है. यह उस वादे की पूर्ति है जो प्रधानमंत्री ने लालकिले से किया था. अब यह बदलाव रोज़मर्रा के सामान को सस्ता, बीमा को आसान और उपभोग को सस्ता बनाकर अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरने जा रहा है.

– भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read