1 जुलाई, 2017 को भारत में वस्तू एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया. इसके बाद से इसमें अब तक कई बार बदलाव किए गए हैं. 79 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की है कि आने वाली दिवाली से पहले जीएसटी में बड़े बदलाव किए जाएंगे. खबर है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी में बड़े सुधार का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य GST को आसान बनाना है.
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में अधिकांश वस्तुओं को दो मुख्य स्लैबों – 5% और 18% – के अंतर्गत रखने का सुझाव दिया गया है, जबकि तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंग जैसी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया है.
अगर इसे मंज़ूरी मिल जाती है तो यह 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से इसका सबसे बड़ा महत्वपुर्ण संशोधन होगा. इस सुधार का उद्देश्य जीएसटी नियमों को आसान बनाना, परिवारों और व्यवसायों के लिए लागत कम करना और वर्तमान स्ट्रक्चर से विसंगतियों को दूर करना है.
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “परिवारों पर बोझ कम करने और किसानों, महिलाओं, छात्रों और मिडिल क्लास को सहारा देने के लिए टैक्स रेट्स को युक्तिसंगत बनाना सुधारों के अगले चरण की मुख्य प्राथमिकता के रूप में पहचाना गया है.”
जीएसटी दरों में होंगे बड़े बदलाव
वो सभी उत्पाद जिन पर अभी 12% टैक्स लगता है, को 5% टैक्स स्लैब में लाने की उम्मीद है. इसी तरह वो प्रोडक्ट्स जो अभी 28% टैक्स स्लैब के दायरे में आते हैं, उनमें से लगभग 90% प्रोडक्ट्स को 18% के स्लैब में लाया जाएगा. इनमें टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर और AC जैसी चीजें शामिल हैं. इससे मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
फूड, दवाइयां, शिक्षा और बुनियादी ज़रूरत की वस्तुओं को टैक्स छूट या केवल 5% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है. कृषि क्षेत्र में स्प्रिंकलर और कृषि मशीनरी जैसे मशीनों पर जीएसटी 12% से घटकर 5% हो सकता है. बीमा सेवाओं पर भी 18% से भारी कटौती होकर 5% या शून्य भी हो सकती है, जबकि मेडिकल उपकरणों और दवाओं पर स्वास्थ्य सेवा की सामर्थ्य बढ़ाने के लिए कम दरें लागू होने की उम्मीद है.
इन चीजों को मिलेगी GST से छूट
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पहले की तरह जीएसटी से बाहर रहेंगे. हीरे (0.25%) और सोना या चांदी (3%) जैसी स्पेशल कैटेगरी भी अपरिवर्तित रहेंगी. कपड़ा और उर्वरकों के लिए ढांचे में सुधार का प्रस्ताव रखा गया है.
बता दें कि वर्तमान में टोटल GST का लगभग 65% रेवेन्यु 18% स्लैब से, 11% 28% स्लैब से, 5% 12% स्लैब से और 7% 5% स्लैब से आता है.
केंद्र ने भेजा प्रस्ताव
केंद्र ने टैक्स रेट्स को तर्कसंगत बनाने, मुआवज़ा देने और बीमा पर तीन मंत्रिसमूहों (GoM) को अपना प्रस्ताव भेजा है. उनकी समीक्षा के बाद सिफारिशें जीएसटी परिषद को भेजी जाएंगी, जिसके पास योजना को मंज़ूरी देने, बदलने या अस्वीकार करने का अधिकार है. विचार-विमर्श के आधार पर परिषद सितंबर या अक्टूबर की शुरुआत में इस मामले पर विचार कर सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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