Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

भारत में महंगाई दर घटते घटते 0.3% और GDP ग्रोथ बढ़कर 8.2% हुई- ये ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’

भारतीय अर्थव्यवस्था ने इतिहास रच दिया! 0.3% महंगाई दर और 8.2% जीडीपी वृद्धि से अर्थव्यवस्था ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ में आ गई. ना ज्यादा गर्मी, ना ठंडक – बस सही संतुलन आम आदमी को फायदा पहुंचाएगा.

भारत की अर्थव्यवस्था ने कमाल कर दिखाया. दूसरे तिमाही में महंगाई दर घटकर महज 0.3 फीसदी रह गई, जो लंबे समय बाद सबसे कम दर्ज की गई है. साथ ही, जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में 8.2% की शानदार बढ़ोतरी हुई. यह संतुलन इतना सही है कि अर्थशास्त्री इसे ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ कह रहे हैं. मतलब, न तो अर्थव्यवस्था ज्यादा गर्म हो रही है, न ही ठंडी पड़ रही है. सब कुछ ‘ठीक-ठाक’ चल रहा है.

गोल्डीलॉक्स क्या है? सरल शब्दों में समझें

‘गोल्डीलॉक्स’ एक पुरानी कहानी से आया शब्द है, जहां चीजें न ज्यादा गर्म, न ज्यादा ठंडी – बस सही होती हैं. यहां भी वैसा ही है. महंगाई कम होने से चीजें सस्ती रहेंगी, और विकास तेज होने से नौकरियां बढ़ेंगी. दूसरे तिमाही में औसत महंगाई 1.7 फीसदी रही, जबकि साल के पहले छह महीनों में 2.2 फीसदी. जीडीपी वृद्धि भी पहले छह महीनों में 8 फीसदी रही. त्योहारों के मौसम में खरीदारी बढ़ने और जीएसटी दरों में बदलाव से यह बूस्ट मिला.

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की ताकत

दुनिया में कहीं महंगाई आसमान छू रही है, तो कहीं मंदी का डर. लेकिन भारत ने स्थिरता दिखाई. रिजर्व बैंक की सख्त नीतियों से महंगाई काबू में आई. अब उपभोक्ता ज्यादा खर्च कर पा रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएगा.

भविष्य की उम्मीदें, सतर्क रहना जरूरी

यह अच्छा समय है, लेकिन सावधानी बरतनी होगी. वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. अगर यह संतुलन बना रहा, तो भारत तेजी से विकसित देशों की कतार में शामिल हो सकता है. आम लोगों के लिए इसका मतलब है – सस्ते दाम, ज्यादा कमाई के मौके. सरकार और बैंक मिलकर इसे बनाए रखें, तो सबका फायदा होगा. कुल मिलाकर, भारत की अर्थव्यवस्था चमक रही है.

ये भी पढ़ें- भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट: RBI ने अगले साल की GDP ग्रोथ 7.3% बताई, महंगाई भी कम रहने के आसार

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital