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Indian Toy Industry: दुनियावालों को भा रहे भारतीय खिलौने, पिछले 5 सालों में हमारा आयात 79% घटा, निर्यात 40% बढ़ गया

सरकार की नीतियों और गुणवत्ता सुधारों से भारत का खिलौना उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है. आयात में 79% की गिरावट आई है, जबकि निर्यात 40% बढ़ा है, जिससे भारत अब एक शुद्ध निर्यातक बन गया है.

भारत का खिलौना उद्योग तेज़ी से विकास कर रहा है और वैश्विक खिलौना बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता रखता है. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार के 179.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, और भारत इस बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कौशल विकास, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता सुधारों के कारण भारतीय खिलौना उद्योग में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. वर्ष 2023 में भारतीय खिलौना बाजार लगभग 1.5 अरब डॉलर का था और इसे सरकार से महत्वपूर्ण नीति समर्थन प्राप्त हुआ है.

राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना से मिलेगा बढ़ावा

केंद्र सरकार ने 2025-26 के आम बजट में “नेशनल एक्शन प्लान फॉर टॉयज़” की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य क्लस्टर विकास को बढ़ावा देना, श्रमिकों के कौशल को सुधारना और मजबूत विनिर्माण तंत्र तैयार करना है. सरकार ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता, नवीन और पर्यावरण-संवेदनशील खिलौनों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों ने घरेलू उत्पादन को मजबूत किया है. वर्ष 2020 में लागू किए गए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) ने खिलौनों के लिए कड़े गुणवत्ता मानकों को अनिवार्य बना दिया. इसके अलावा, सरकार ने फरवरी 2020 में खिलौनों पर आयात शुल्क 20% से बढ़ाकर 60% कर दिया और मार्च 2023 में इसे 70% तक बढ़ा दिया. इन उपायों से आयात में उल्लेखनीय गिरावट आई है और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिला है.

आयात घटा, निर्यात बढ़ा

सरकारी नीतियों के प्रभाव व्यापार आंकड़ों में स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं. भारत का खिलौना आयात वित्तीय वर्ष 2018-19 में 304 मिलियन डॉलर था, जो 2023-24 में घटकर सिर्फ 65 मिलियन डॉलर रह गया, यानी 79% की कमी आई. दूसरी ओर, इसी अवधि में खिलौनों का निर्यात 40% बढ़कर 109 मिलियन डॉलर से 152 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इस तरह, भारत अब खिलौनों का शुद्ध निर्यातक (Net Exporter) बन गया है.

वैश्विक विस्तार की ओर भारत

सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान, गुणवत्ता सुधार और मजबूत विनिर्माण तंत्र की बदौलत भारतीय खिलौना उद्योग वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए तैयार है. इस क्षेत्र की प्रगति न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप भी होगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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