जब महाराष्ट्र जीतेगा, भारत जीतेगा- प्रणव अडाणी
मुंबई में 1 अक्टूबर 2026 को ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ के लॉन्च कार्यक्रम में अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि प्रणव अडानी ने महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कंपनी की प्रतिबद्धता सामने रखी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य मेहमान मौजूद रहे. प्रणव अडानी ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की आर्थिक तरक्की में सिर्फ भागीदार नहीं है, बल्कि विकास को वित्त देने, उसे जमीन पर उतारने और नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है.
महाराष्ट्र को बताया भारत का लॉन्चपैड
प्रणव अडानी ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र और मुंबई की आर्थिक भूमिका को खास अंदाज में समझाया. उन्होंने कहा कि अगर भारत को एक रॉकेट माना जाए तो महाराष्ट्र उसका लॉन्चपैड है और मुंबई उस लॉन्चपैड के लिए वित्तीय ईंधन का काम करती है. उनके मुताबिक मुंबई में पूंजी का प्रवाह देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देता है. उन्होंने राज्य के राजनीतिक नेतृत्व, मंत्रियों, प्रशासन और अधिकारियों की नीतियों तथा योजनाओं को जमीन पर लागू करने की क्षमता की भी सराहना की.
फडणवीस सरकार की कार्यशैली की तारीफ
अडानी ने महाराष्ट्र सरकार के लोगों को केंद्र में रखकर काम करने के तरीके की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में सम्मान, समावेश और आम लोगों के कल्याण पर जोर दिखाई देता है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगातार काम करने वाला नेता बताया. उन्होंने कहा कि फडणवीस का ‘वॉर रूम’ मॉडल और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधार बड़े पैमाने पर परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद कर रहे हैं.
सुनेत्रा पवार के योगदान का भी जिक्र
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रणव अडानी ने उनके ग्रामीण सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लंबे अनुभव की बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के तौर पर उनका नेतृत्व महाराष्ट्र के विकास में संवेदनशील और जमीनी नजरिया जोड़ता है. अडानी ने कहा कि सरकार की विकास संबंधी सोच और उसकी कार्यशैली अडानी ग्रुप की राष्ट्र निर्माण की सोच से काफी मेल खाती है.
6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की प्रतिबद्धता
प्रणव अडानी ने बताया कि महाराष्ट्र के साथ अडानी ग्रुप का जुड़ाव कई दशकों पुराना है, लेकिन हाल के निवेश प्रस्तावों का आकार और दायरा काफी बड़ा है. उन्होंने कहा कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और राज्य के साथ अलग-अलग साझेदारियों के माध्यम से समूह ने ऊर्जा, एविएशन और एयरो-डिस्ट्रिक्ट्स, शहरी पुनर्विकास, डेटा सेंटर और कोयला गैसीफिकेशन जैसे क्षेत्रों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का रोडमैप रखा है. इनमें से 2.6 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है.
मुंबई एयरपोर्ट से लेकर नवी मुंबई तक बड़ा विस्तार
प्रणव अडानी ने विमानन क्षेत्र में समूह की परियोजनाओं का भी विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मुंबई देश के लिए हवाई संपर्क का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है और अडानी ग्रुप छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन और विकास से जुड़ा है. इसके साथ नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है. यह एयरपोर्ट मुंबई महानगर क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आगे चलकर सालाना 9 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने की क्षमता तक पहुंच सकता है. दोनों एयरपोर्ट के आसपास बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट विकसित करने की भी योजना है.
मुंबई में 30 लाख से ज्यादा घरों और प्रतिष्ठानों को बिजली
अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड के जरिए मुंबई में 3 मिलियन से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. प्रणव अडानी ने बताया कि कंपनी की बिजली आपूर्ति में 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आता है. उन्होंने मुंबई के वित्तीय और कारोबारी केंद्र को बिजली कटौती के जोखिम से बचाने के लिए 1,000 मेगावाट के हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट यानी HVDC ट्रांसमिशन लिंक का भी जिक्र किया. यह व्यवस्था शहर तक स्वच्छ और अधिक भरोसेमंद बिजली पहुंचाने में मदद करती है. इसके अलावा राज्य में पंप्ड-स्टोरेज हाइड्रो परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है, ताकि चौबीसों घंटे ग्रीन बेसलोड बिजली उपलब्ध कराई जा सके.
धारावी पुनर्विकास में लोगों को केंद्र में रखने का दावा
धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर प्रणव अडानी ने कहा कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ निर्माण नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके केंद्र में लोगों की जरूरतें भी रहनी चाहिए. उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत विस्थापन से पहले आधुनिक आवास तैयार करने, छोटे कारोबारों को औपचारिक पहचान और सुरक्षा देने तथा समुदाय की सामाजिक पहचान को बनाए रखते हुए इलाके को आधुनिक आर्थिक केंद्र में बदलने पर जोर है. उन्होंने इसे मुंबई 3.0 की दिशा में समूह का योगदान बताया, जिसका उद्देश्य केवल शहर का विस्तार करना नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक संतुलित तथा समावेशी महानगरीय क्षेत्र तैयार करना है.
‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ से निवेश को जमीन पर उतारने की उम्मीद
प्रणव अडानी ने महाराष्ट्र को देश की प्रमुख आर्थिक ताकतों में शामिल बताते हुए कहा कि निवेशकों के लिए राज्य में मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, परियोजनाओं को लागू करने की क्षमता और बड़ा मानव संसाधन मौजूद है. उनके अनुसार ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ इन क्षमताओं को निवेशकों की योजनाओं से जोड़ने का संस्थागत माध्यम बनेगा और निवेश के इरादे को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया को गति देगा.
अडानी ग्रुप ने दोहरे विकास मॉडल की बात कही
अपने संबोधन के अंत में प्रणव अडानी ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य की जनता के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि समूह महाराष्ट्र के भविष्य को दो प्रमुख आधारों पर आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहता है. एक तरफ उद्योग और आर्थिक क्षमता को मजबूत करना और दूसरी तरफ प्रत्येक नागरिक के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति का असर पूरे देश पर पड़ेगा और इसी भावना के साथ अडानी ग्रुप राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाता रहेगा. अंत में उन्होंने ‘जय हिंद’ और ‘जय महाराष्ट्र’ के साथ अपना संबोधन समाप्त किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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