भारत पर निवेशकों का भरोसा
Business News: पिछले कुछ सालों में भारत की अर्थव्यवस्था और व्यापार इकोसिस्टम तेजी से उभर रहा है. यहां निवेश करने वालों की लाइन लग रही है. दुनिया भर के व्यापारी अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए भारत की ओर नजर उठाकर देख रहे हैं. एक ओर जब दुनिया भर में निवेश में कमी आ रही है तब दूसरी ओर भारत लगातार अगले पायदान पर चढ़ रहा है. डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (D&B) की रिपोर्ट बताती है कि जब वैश्विक व्यापार निवेश विश्वास सूचकांक में 13.1 फीसदी की गिरावट आई है. तब भारत इस रिपोर्ट में 32 देशों से आगे निकल गया है.
कई देशों से आगे भारत
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 के तीसरे क्वार्टर वैश्विक व्यापार निवेश विश्वास सूचकांक में 13.1 प्रतिशत की तिमाही गिरावट देखी गई. ऐसा लगातार तीसरी तिमाही में हुआ है. हालांकि, इस दौरान भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत ने 32 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक वर्ष-दर-वर्ष विश्वास वृद्धि 12.6 फीसदी दर्ज की है.
मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा गिरावट
रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में सेवाओं की तुलना में अधिक गिरावट आई है. मैन्युफैक्चरिंग निवेश विश्वास 17.2 फीसदी गिरा है. जबकि, सेवा यानी सर्विस के क्षेत्र में 10.8 फीसदी की कमी आई है. वहीं पूंजीगत सामान में 33.1 प्रतिशत, खाद्य में 26.9 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल 26.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. हालांकि, रसायन के क्षेत्र में सबसे छोटी गिरावट आई है. यह करीब 14.8 फीसदी है.
उन्नत अर्थव्यवस्थाएं पीछे
उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में निवेश विश्वास में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक गिरावट आई. फ्रांस, जापान, जर्मनी और स्पेन में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई. इसने दूसरे तिमाही में किए गए सुधारों को उलट दिया है. उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बड़ी तिमाही गिरावट रूस (-26.1 प्रतिशत), ब्राजील (-23.9 प्रतिशत), और दक्षिण अफ्रीका (-20.7 प्रतिशत) में दर्ज की गई. वहीं अमेरिका में 16.7 प्रतिशत तिमाही गिरावट आई. कुल मिलाकर साफ है कि ये दौर उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का नहीं है.
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आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि लगभग आधे व्यापारों के लिए निवेश निर्धारित करने में आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता महत्वपूर्ण है. वहीं शुरू हुई तिमाही में सेवाओं में 68.9 प्रतिशत और विनिर्माण में 69.3 प्रतिशत क्षमता उपयोगिता की उम्मीद की जा रही है. यह पहली तिमाही के बाद पहली बढ़त है. डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य के पूंजीगत व्यय के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं. यह रिपोर्ट भारत में व्यापार (Business In India) का मन बना रहे निवेशकों को और भी हमारी ओर खींचेगी.
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