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15 कॉलेजों ने दाखिला देने से नकारा, आज 19 की उम्र में खड़ा कर दिया करोड़ों का AI एंपायर! पढ़ें जैक की प्रेरक कहानी

Jack Yadegari AI Startup: 15 विश्वविद्यालयों से रिजेक्शन झेलने वाले 19 वर्षीय जैक यादेगारी ने AI स्टार्टअप पर्सोना के लिए 1 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई. जानिए उनकी प्रेरक कहानी.

A multi-crore empire at the age of 19

19 की उम्र में करोड़ों का एंपायर

Jack Yadegari AI Startup: आमतौर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से मिलने वाले लगातार रिजेक्शन किसी भी युवा का मनोबल तोड़ सकते हैं, लेकिन 19 वर्षीय अमेरिकी उद्यमी जैक यादेगारी (Jack Yadegari) ने साबित कर दिखाया है कि औपचारिक डिग्रियों से ज्यादा मायने दृढ़ संकल्प और नवाचार रखते हैं. हार्वर्ड, येल और स्टैनफोर्ड जैसे दुनिया के 15 शीर्ष विश्वविद्यालयों से खारिज किए जाने के बावजूद जैक ने अपने नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट स्टार्टअप ‘पर्सोना’ (Persona) के लिए 1 करोड़ डॉलर (करीब 84 करोड़ रुपये) की सीड फंडिंग जुटाने में सफलता हासिल की है.

टेकक्रंच (TechCrunch) की रिपोर्ट के अनुसार, ‘पर्सोना’ के इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व वाइन वेंचर्स (Vine Ventures) ने किया है, जबकि जेड फेलो के संस्थापक कोरी लेवी और कलेक्टिव ग्लोबल ने भी इसमें महत्वपूर्ण निवेश किया है.

7 साल की उम्र में कोडिंग और 16 में पहली डील

न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड निवासी जैक यादेगारी का तकनीकी सफर बचपन में ही शुरू हो गया था. उन्होंने महज सात साल की उम्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया था. स्कूल के दिनों में रोबोटिक्स क्लब के अध्यक्ष रहे जैक ने एक शोध प्रतियोगिता में स्पर्श पर प्रतिक्रिया देने वाला एआई हाथ विकसित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था.

बिजनेस इनसाइडर के अनुसार, 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना पहला प्रोजेक्ट ‘टोटली साइंस’ (Totally Science) लगभग 1 लाख डॉलर में बेचा था. यह एक ऐसी गेमिंग वेबसाइट थी जो छात्रों को स्कूल नेटवर्क पर ब्लॉक किए गए गेम्स खेलने की सुविधा देती थी.

परफेक्ट GPA और स्कोर, फिर भी 15 कॉलेजों ने नकारा

जैक उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे, जब उन्होंने खुलासा किया कि 18 विश्वविद्यालयों में आवेदन करने के बावजूद 15 ने उन्हें दाखिला देने से मना कर दिया. यह फैसला इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि जैक का हाई स्कूल में परफेक्ट GPA था, ACT में उन्होंने 34 का शानदार स्कोर हासिल किया था और वे पहले से ही एक सफल कारोबारी बैकग्राउंड रखते थे. अंततः उन्होंने मियामी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और पढ़ाई के साथ अपने स्टार्टअप पर काम जारी रखा.

‘कैल AI’ से मिला बड़ा ब्रेक, करोड़ों में बिकी कंपनी

साल 2024 में जैक ने ‘कैल AI’ (Cal AI) नामक ऐप की सह-स्थापना की. यह ऐप उपयोगकर्ताओं को सिर्फ भोजन की फोटो खींचकर उसमें मौजूद कैलोरी का सटीक अनुमान लगाने की सुविधा देता है. महज दो वर्षों में इस ऐप को 1.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया और यह सालाना 3 करोड़ डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपये) का राजस्व उत्पन्न करने लगा. मार्च 2026 में फिटनेस दिग्गज ‘मायफिटनेसपाल’ (MyFitnessPal) ने कैल एआई का अधिग्रहण कर लिया.

क्या है नया AI असिस्टेंट ‘पर्सोना’?

डील के बाद जैक ने जून 2026 में ‘पर्सोना’ पर काम शुरू किया. यह एक ऐसा पर्सनल एआई असिस्टेंट है जो रोजमर्रा के कामकाज को स्वचालित करने और प्रबंधित करने में मदद करता है:

स्मार्ट हार्डवेयर डिवाइस: कंपनी आगामी दिसंबर में 179 डॉलर की कीमत वाला एक खास डिवाइस पेश करने की योजना बना रही है. प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यह डिवाइस लगातार आवाज रिकॉर्ड नहीं करेगा, बल्कि बटन दबाकर या कलाई के खास जेस्चर से सक्रिय होगा.

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डेटा सुरक्षा और बिजनेस मॉडल: यादेगारी ने स्पष्ट किया है कि वे यूजर्स की निजी बातचीत का डेटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचेंगे. कंपनी का रेवेन्यू मॉडल स्पॉन्सर्ड शॉपिंग सुझावों और प्रीमियम सेवाओं पर आधारित होगा. जैक यादेगारी की यह सफलता आज दुनिया भर के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो शुरुआती असफलताओं और अस्वीकृतियों से निराश हो जाते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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