करण अदाणी
अदाणी ग्रुप के प्रमुख करण अदाणी ने नई दिल्ली में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के प्लेटिनम जुबली समारोह में हिस्सा लिया. उन्होंने गवर्नेंस, डिफेंस सेक्टर और ग्रोथ एजेंडा पर विस्तार से बात की. यह कार्यक्रम 21 फरवरी 2026 को ताज पैलेस होटल में हुआ. करण अदाणी ने हीरो एंटरप्राइज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल के साथ बातचीत की. उन्होंने अडानी ग्रुप की रणनीति और भारत के विकास पर अपनी राय रखी.
करण अदाणी ने कहा कि तेज विकास के कारण मैनेजमेंट लेयर बढ़ गई थीं और फैसले धीमे हो गए थे. अब ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बना रहा है. इससे तेजी से काम होगा और जटिलता कम होगी. उन्होंने बताया कि मजबूत ऑपरेशनल बेस, पारदर्शिता और पार्टनरशिप से ग्रुप मजबूत हुआ है. पहले रिस्क ज्यादा थे लेकिन अब रेकरिंग रेवेन्यू से स्थिरता आई है. वैश्विक बाजारों में क्लियर नैरेटिव पर फोकस है.
#WATCH | Delhi | Managing Director (MD) of Adani Ports & Special Economic Zone Ltd (APSEZ), Karan Adani says, “Two things that we have noticed as we have scaled, are that we have become slow and quite fat. As a group, we are committed to doing greenfield capex of Rs 2 lakh crore… pic.twitter.com/cOn6bNxGfn
— ANI (@ANI) February 21, 2026
इंडियन डिफेंस सेक्टर में अवसर
करण अदाणी ने डिफेंस में इंडिजेनाइजेशन को बहुत जरूरी बताया. उन्होंने एम्ब्रेयर के साथ पार्टनरशिप का जिक्र किया. इससे मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल की क्षमता बनी. घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन से जोड़ा जा रहा है. यह भारत की सेल्फ-रिलायंस को मजबूत करेगा.
अदाणी का ग्रोथ एजेंडा और प्रायोरिटीज
करण अदाणी ने कहा कि कैपिटल को तीन मुख्य क्षेत्रों में लगाया जा रहा है – एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और कोर मटेरियल्स. ये भारत के लंबे समय के विकास के लिए बुनियादी हैं. एनर्जी में सिटी गैस, ट्रांसमिशन ग्रिड और डेटा सेंटर्स शामिल हैं. ग्रुप ने 2036 तक 100 बिलियन डॉलर का निवेश रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में करने का कमिटमेंट किया है. उन्होंने कर्मचारियों की औसत उम्र 38 साल बताई और इसे कम करने की योजना बताई ताकि AI तेजी से अपनाया जा सके. महिलाओं की भागीदारी 2% से 15% हो गई है. 80% सीनियर लीडरशिप घर से ही निकली है.
ट्रांसफॉर्मेशन, रेजिलिएंस और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस
करण अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, डिफेंस सहयोग और संस्थागत मजबूती को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ा. उन्होंने बताया कि मुंद्रा पोर्ट से शुरूआत ने उनकी मैनेजमेंट सोच बनाई. ग्रुप पोर्ट ट्रक फ्लीट को डीजल से ग्रीन फ्यूल में बदल रहा है. वे बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को फॉर्मूला वन रेसिंग के लिए फिर से जीवित करने में रुचि रखते हैं. पर्यावरण जिम्मेदारी से प्रॉफिट प्रभावित नहीं होता, बल्कि बढ़ता है. यह इवेंट भारत के ट्रांसफॉर्मेशन, रेजिलिएंस और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस पर केंद्रित था.
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