Punjab Floods: पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. अमृतसर और सुल्तानपुर लोधी के गांवों में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं. ऐसे कठिन समय में रिलायंस समूह ने राहत प्रदान करने और उनके री-सेटलमेंट के लिए एक व्यापक दस सूत्रीय योजना लागू की है. इस अभियान में रिलायंस फाउंडेशन, वंतारा, रिलायंस रिटेल और जियो मिलकर काम कर रहे हैं.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी ने कहा, ‘हम पंजाब की इस कठिन घड़ी में हर कदम पर साथ हैं. हजारों परिवारों ने अपना घर, रोज़गार और सुरक्षा का एहसास खो दिया है. हमारी पूरी कोशिश है कि भोजन, पानी, आश्रय और इंसानों के साथ-साथ पशुओं की देखभाल भी समय पर पहुंचाई जा सके. यह दस सूत्री योजना हमारी ‘We Care’ सोच को दर्शाती है.’

जानें क्या है 10 सूत्री राहत योजना?
पोषण सहायता – सबसे ज्यादा प्रभावित 10,000 परिवारों के लिए राशन किट दी जाएगी.
आर्थिक मदद – 1,000 असुरक्षित परिवारों (विशेषकर विधवा या बुजुर्ग मुखिया वाले घर) को ₹5,000 के वाउचर मिलेंगे
कम्युनिटी किचन के लिए राशन उपलब्ध कराएंगे, ताकि सामूहिक भोजन व्यवस्था हो सके.
सुरक्षित पेयजल देना – पानी से भरे इलाकों में पोर्टेबल वॉटर फिल्टर की तैनाती होगी.

आपातकालीन आश्रय किट – तिरपाल, मच्छरदानी, रस्सियां और बिस्तर, ताकि विस्थापित परिवारों को अस्थायी छत मिल सके.
जन स्वास्थ्य प्रबंधन – बाढ़ के बाद बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और पानी के स्रोतों की सफाई करवाई जाएगी.

स्वच्छता किट – हर प्रभावित परिवार को हाइजीन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.
पशुधन सहायता – पानी में फंसे मवेशियों की देखभाल, दवाइयां और टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं. लगभग 5,000 पशुओं के लिए 3,000 साइलेंज बंडल वितरित किए गए हैं.

वन्यजीव और पशुओं का बचाव – वंतारा की 50 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम आधुनिक उपकरणों से जानवरों का रेस्क्यू कर रही है. मृत पशुओं का सम्मानजनक वैज्ञानिक अंतिम संस्कार भी कराया जा रहा है, ताकि बीमारियों का प्रसार न हो.

जियो की टीम ने NDRF के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेटवर्क सेवा तुरंत दुरुस्त की, जिससे राज्यभर में कनेक्टिविटी बनी रही. वहीं रिलायंस रिटेल ने 21 ज़रूरी सामानों से लैस राशन और स्वच्छता किट तैयार कर प्रभावित गांवों तक पहुंचाई. रिलायंस की टीमें 24 घंटे जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और पंचायतों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
