RBI MPC repo rate decision February 2026: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का रेपो रेट पर फैसला आज शुक्रवार को आ गया है. 4 फरवरी को शुरू हुई बैठक के बाद आज शुक्रवार को एमपीसी ने अपने फैसले जारी कर दिए हैं. बता दें कि इस बार मीट में रेपो रेट पर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है जिसको 5.25 % पर ही रखा गया है. यह भी बताते चलें कि RBI की मौद्रिक नीति बैठक हर दो महीने में होती है. पिछली बैठक दिसंबर 2025 में हुई थी. यह चालू वित्त वर्ष 26-27 की पहली मौद्रिक नीति बैठक है. जबकि अगली बैठक अप्रैल में होगी.
वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल और टैरिफ वॉर के बीच RBI लगातार रेपो रेट घटाकर ग्रोथ को बढ़ावा दे रहा है. यह MPC बैठक सही समय पर हुई है जब घरेलू और वैश्विक स्तर पर कई बड़े मुद्दे चल रहे हैं. वहीं भारत ने हाल ही में केन्द्रीय बजट 26-27 पेश किया है. साथ ही इंडिया-US ट्रेड डील भी पूरी हो चुकी है. जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है. आईए अब समझते हैं कि आज आए एमपीसी के नतीजों में क्या कुछ खास रहा:
फ्रॉड ट्रांजेक्शन में 25000 रुपये तक का मुआवजा
आरबीआई फ्रॉड के नुकसान में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देगा. बैंकों और NBFCs के सिस्टम पैरामीटर स्थिर हैं. बैलेंस शीट पर तनाव कम है. पेमेंट सिस्टम में कंज्यूमर प्रोटेक्शन मजबूत होगा. RBI डिस्कशन पेपर जारी करेगा. सीनियर सिटीजन और ट्रांजेक्शन कैटेगरी के लिए एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन उपाय हो सकते हैं.
MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन में बढ़ोतरी
मल्होत्रा ने कहा कि सेंट्रल बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए ब्रॉड गाइडलाइंस जारी करेगा. MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन 10 लाख से बढ़कर 20 लाख रुपये हो गया. छोटे बिजनेस को क्रेडिट आसानी से मिलेगा. सिक्योरिटी की परेशानी कम होगी. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए नई गाइडलाइंस आएंगी. यह कदम छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देगा.
Repo Rate में कोई बदलाव नहीं
रेपो रेट 5.25% पर कोई बदलाव नहीं. दिसंबर 2025 में 25 bps की कटौती हुई थी. अप्रैल 2025 के बाद पहली कटौती थी. लोन EMI सस्ते हो सकते हैं. FD ब्याज दरें कम हो सकती हैं. RBI गवर्नर बोले- अर्थव्यवस्था मजबूत है. महंगाई-ग्रोथ आंकड़े सकारात्मक. अगली MPC बैठक फरवरी अंत में.
2015 से लेकर 25 तक रेपो रेट का इतिहास
| साल / अवधि | रेपो रेट (%) |
|---|---|
| दिसंबर 2025 | 5.25 |
| अक्टूबर 2025 | 5.50 |
| अगस्त 2025 | 5.50 |
| जून 2025 | 5.50 |
| अप्रैल 2025 | 6.00 |
| फरवरी 2025 | 6.25 |
| दिसंबर 2024 | 6.50 |
| 2023–24 | 6.50 |
| 2022 | 6.25 |
| 2021 | 4.00 |
| 2019 (पहला) | 4.00 |
| 2019 (दूसरा) | 4.00 |
| 2018 | 6.25 |
| 2017 | 6.25 |
| 2016 | 6.50 |
| 2015 | 7.50 |
NBFC नियमों में बड़े बदलाव
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा कि की कम रिस्क NBFCs को रजिस्ट्रेशन से छूट मिलेगी. पब्लिक फंड्स न लेने वालों को राहत. 1000+ ब्रांच खोलने के लिए पूर्व मंजूरी जरूरी. VRR कैप 2.5 लाख करोड़ हटेगी. फॉरेन इनवेस्टमेंट आसान होगा. कंप्लायंस बोझ कम होगा.
लिक्विडिटी अब 2 लाख करोड़ रुपये
संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछली रेट कट का असर बैंक लेंडिंग रेट्स पर काफी ज्यादा हुआ है. रेट कट से बैंक लेंडिंग 105 bps सस्ती हुई. 125 bps कटौती का 94% असर दिखा. सिस्टम लिक्विडिटी 2 लाख करोड़ पहुंची. RBI के फरवरी ऐलान का सकारात्मक प्रभाव. बाजार में स्थिरता बनी हुई है.
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