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जनता को RBI ने दी राहत : मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट को लेकर लिया गया बड़ा फैसला, EMI सस्ती होने की उम्मीद

भारतीय रिजर्व बैंक की दो दिवसीय एमपीसी (monetary policy committee) की बैठक आज (8 जून) को खत्म हो गई है. बैठक खत्म होने के बाद रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.

शक्तिकांत दास, आरबीआई गर्वनर

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भारतीय रिजर्व बैंक की दो दिवसीय एमपीसी (monetary policy committee) की बैठक आज (8 जून) को खत्म हो गई है. बैठक खत्म होने के बाद रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. जिसमें उन्होंने बताया कि समिति की बैठक में ये तय हुआ है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. अभी रेपो रेट 6.50 फीसदी है. रेपो रेट में एक बार फिर से बदलाव न होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. मंहगाई दर कम  होने के अलावा बैंक लोन के ब्याज और ईएमआई में भी कमी होने के आसार हैं. शक्तिकांत दास ने कहा, एमपीसी के सदस्यों ने ब्याज दरों को स्थिर रखने पर सहमति दी है.

गर्वनर शक्तिकांत दास ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में महंगाई दर चार फीसदी से अधिक बनी रहेगी. इसके अलावा अगले वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) 5.2 से घटकर 5.1 फीसदी रहने की उम्मीद है. वहीं विकास दर 6.5 प्रतिशत पर रहने की संभावना की जा रही है. इस दौरान तीसरी तिमाही में वृद्धि दर 6% और रियल जीडीपी ग्रोथ के 8 फीसदी रहने का भी अनुमान है. गौरतलब है कि रेपो रेट में बदलाव न होने से बैंकों से मिलने वाले लोन पर लगने वाले ब्याज दरों में भी कमी आ सकती है. जिसमें होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की ईएमआई कम होने की संभावना है.

गवर्नर ने आगे बताया कि, निवेश में काफी सुधार हुआ है. इस बार मॉनसून के सामान्य रहने के आसार हैं. केंद्रीय बैंक महंगाई पर पैनी नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पिछले महीने आयात घटने से व्यापार में कमी आई है. इसके साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी काफी मजबूत हुआ है.

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गर्वनर ने ये भी बताया कि शुरुआती आंकड़ों से ये पता चलता है कि एफडीआई में भी तेजी के साथ सुधार हुआ है. कैपेक्स में सुधार होने के अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं. अप्रैल की तुलना में स्थितियां काफी बेहतर हुई हैं. इन सब चीजों को देखते हुए ई-रूपी का जो दायरा है उसे बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया है. जिससे होने वाले डिजिटल भुगतानों का भी तेजी के साथ ग्राफ बढ़ेगा.बैंक अब प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड भी जारी कर सकेंगे. आपको बता दें कि एमपीसी की बैठक हर दो महीने पर आयोजित की जाती है. जिसमें ब्याज दरों में बदलाव को लेकर विचार किया जाता है. पिछली बैठक में भी रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस



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