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2026 में भी मजबूत रहेगी भारत की अर्थव्यवस्था, एसबीआई की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पहली तिमाही में 7% रहेगा आर्थिक विकास दर

SBI India Growth Rate: एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रही, जबकि ग्रॉस वैल्यू एडेड (सकल मूल्य वर्धन) 6.5% आंका गया है.

SBI India Growth Rate

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत पर लगाये गए टैरिफ के बीच SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी खुशखबरी लेकर सामने आई है. एसबीआई के विश्लेषण के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की प्रारंभिक तिमाही में 6.8-7% की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर ली है. जो कि भारतीय रिजर्व बैंक के 6.5% के अनुमान से काफी ज्यादा है.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रही, जबकि ग्रॉस वैल्यू एडेड (सकल मूल्य वर्धन) 6.5% आंका गया है. वहीं एसबीआई नाउकास्ट मॉडल वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का संकेत दे रहा है.

वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 7% विकास दर

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में जीडीपी 6.8 %-7.0 % रह सकती है.

मूल्यांकन से संकेत मिल रहा है कि यह पूर्वानुमान पिछली तिमाही के पैटर्न पर ही है. जिसमें अंतर्निहित कारक स्थिर प्रगति और समायोजन को सुनिश्चित कर रहे हैं.

2025 के लिए जीडीपी विकास दर 6.3%

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि, पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए जीडीपी विकास दर 6.3% रह सकता है. जो आरबीआई के 6.5% के वार्षिक लक्ष्य से कम है. एसबीआई ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी चौथी तिमाही के लिए आरबीआई के विकास अनुमानों में 0.2% अंकों की कमी की है.

एसबीआई का विश्लेषण वास्तविक और जीडीपी वृद्धि के बीच घटते अंतर को दिखाता है. यह अंतर जहां वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में 12% था, जो वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में घटकर 3.4% रह गया.

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कम मुद्रास्फीति है कारण

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में इस अंतर में और कमी के संकेत दिये गए हैं. जिसका कारण कम मुद्रास्फीति है. जीडीपी डिफ्लेटर में अनुमानित कमी वास्तविक और जीडीपी वृद्धि के बीच के अंतर को कम करने का संकेत देती है.

इसको लेकर एसबीआई ने अपने सुझाव भी दिये हैं. जिसमें बताया गया है कि अनुमानित कमी, वास्तविक और जीडीपी वृद्धि के बीच का यह अंतर विकास की गति में मौजूदा मंदी को अस्पष्ट कर सकता है. जिसकी वजह से वास्तविक जीडीपी में वृद्धि बनाये रखने के बावजूद वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में जीडीपी घटकर 8 प्रतिशत रह सकती है.

– भारत एक्सप्रेस



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