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भारत की Skyroot को मिला अमेरिकी स्पेस जायंट Axiom का साथ, तैयार हो रहा अरबों डॉलर का गेमचेंजर प्लान!

Axiom Space के सीईओ तेजपाल भाटिया और Skyroot के सीईओ पवन कुमार चंदना ने साइन किया. इस साझेदारी के ज़रिए लॉन्चिंग से लेकर ऑर्बिट में काम करने वाले समाधानों पर दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी.

Skyroot Aerospace

Skyroot Aerospace

जिस दिन भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom Space के ऐतिहासिक Ax-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की उड़ान भर रहे थे, उसी दिन एक और बड़ी ख़बर सामने आई. अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी Axiom Space और भारत की स्पेस स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने हाथ मिला लिया. दोनों कंपनियों ने मिलकर पृथ्वी की निचली कक्षा (Low-Earth Orbit) तक आसान पहुंच बनाने और साझा मिशन पर काम करने के लिए समझौता किया है.

इस अहम साझेदारी की शुरुआत एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर से हुई, जो Axiom Space के सीईओ तेजपाल भाटिया और Skyroot के सीईओ पवन कुमार चंदना ने साइन किया. इस साझेदारी के ज़रिए लॉन्चिंग से लेकर ऑर्बिट में काम करने वाले समाधानों पर दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी.

अंतरिक्ष में नई साझेदारी की उड़ान

तेजपाल भाटिया ने इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया. उन्होंने कहा, “जब मैंने दो साल पहले Skyroot की फैसिलिटी देखी थी, तभी लग गया था कि हम साथ काम करेंगे. अब जब Axiom दुनिया का पहला कमर्शियल स्पेस स्टेशन बना रहा है, तो Skyroot जैसे इनोवेटिव पार्टनर हमारे विज़न को आगे ले जाएंगे.”

Vikram-1 लॉन्च से पहले बड़ी कूटनीतिक उड़ान

Skyroot Aerospace इन दिनों अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट Vikram-1 की लॉन्चिंग की तैयारियों में व्यस्त है. कंपनी पहले ही Vikram-S नाम का सबऑर्बिटल रॉकेट 2022 में लॉन्च कर चुकी है और ISRO के साथ साझेदारी करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बन चुकी है.

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Skyroot के सीईओ पवन चंदना ने कहा,

“हमारा सपना है कि अंतरिक्ष को हर किसी के लिए सुलभ और भरोसेमंद बनाया जाए. Axiom के साथ जुड़ना हमारे लिए बड़ा मौका है. ये साझेदारी उस दौर की शुरुआत है, जहां भारत वैश्विक स्पेस इकोसिस्टम का एक मज़बूत हिस्सा बनेगा.”

कमर्शियल स्पेस स्टेशन की ओर दुनिया

Axiom Space इस समय Axiom Station नाम से दुनिया का पहला व्यावसायिक स्पेस स्टेशन बना रही है. हाल ही में शुरू हुआ Ax-4 मिशन इसी दिशा में एक और कदम है, जिसमें भारत, अमेरिका, हंगरी और पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं.

Axiom और Skyroot की साझेदारी सिर्फ लॉन्चिंग तक सीमित नहीं रहेगी. दोनों कंपनियां भविष्य में रिसर्च पेलोड्स, डेटा सेंटर्स, और अंतरिक्ष मिशनों को लेकर भी साथ काम करेंगी.

भारत-अमेरिका के रिश्तों में एक और सितारा

ये करार न सिर्फ दोनों कंपनियों के लिए बड़ा मौका है, बल्कि भारत और अमेरिका के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के बीच बढ़ती नज़दीकियों का भी सबूत है. जैसे-जैसे अंतरिक्ष कमर्शियल हो रहा है और दुनिया की बड़ी ताकतें नए प्रयोगों की ओर बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे भारत की नई स्पेस कंपनियां भी खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रही हैं.

– भारत एक्सप्रेस



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