भारत में चीनी उत्पादन ने शुरुआती दो महीनों में 2025-26 मार्केटिंग ईयर (अक्टूबर-सितंबर) में 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. भारतीय शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर 2025 में देश का कुल चीनी उत्पादन 4.11 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.88 मिलियन टन था.
इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण महाराष्ट्र राज्य का मजबूत उत्पादन और गन्ने की बेहतर पैदावार को माना जा रहा है. ISMA ने बताया कि महाराष्ट्र के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में इस साल के मौसम की परिस्थितियाँ और खेती की उन्नत तकनीकों के कारण उत्पादन में बढ़ोतरी हुई हैं.
देशभर के उत्पादन का हाल
गौरतलब है कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है. इस बार की शुरुआती उत्पादन रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय चीनी उद्योग ने पिछले साल की तुलना में तेजी से रिकवरी की है. पंजाब, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में भी उत्पादन बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं.
मौसम और तकनीकी कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहा और किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले बीज और उन्नत खेती के तरीके अपनाए. नतीजतन, प्रति हेक्टेयर पैदावार में वृद्धि हुई और उत्पादन का लक्ष्य समय से पहले पूरा हो गया. उत्पादन में यह वृद्धि चीनी बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को स्थिर रखने में सहायक होगी. ISMA ने यह भी बताया कि पर्याप्त उत्पादन से निर्यात संभावनाओं में भी सुधार होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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