आयकर विभाग (Income Tax) द्वारा कर चोरी सर्वेक्षणों के माध्यम से बीते तीन वित्त वर्षों (2022-23, 2023-24 और 2024-25) में कुल 77,871.44 करोड़ रुपए की अघोषित आय पकड़ी गई है. यह जानकारी सरकार की ओर से संसद में दी गई.
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में विभाग ने 9,805.04 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाने के लिए 1,245 सर्वेक्षण किए थे. वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में 737 सर्वेक्षणों के माध्यम से 37,622.23 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया गया था.
30,444.17 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला
वित्त वर्ष 2024-25 में, 465 सर्वेक्षणों के माध्यम से 30,444.17 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि तीन वित्तीय वर्षों की इसी अवधि में, तलाशी और जब्ती अभियान के तहत 3,344 समूहों की तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप 6,824.34 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई.
उन्होंने कहा कि जहां तक आयकर विभाग का संबंध है, जब भी ‘प्रत्यक्ष कर’ चोरी की कोई विश्वसनीय जानकारी उसके संज्ञान में आती है, तो वह अघोषित आय पर कर लगाने के लिए सर्वेक्षण, तलाशी और जब्ती अभियान, मूल्यांकन सहित उपयुक्त कार्रवाई करता है.
इसके अतिरिक्त, 1 जुलाई, 2015 को काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के लागू होने के बाद से तीन महीने (1 जुलाई, 2015 से 30 सितंबर, 2015 तक) की एकमुश्त अनुपालन अवधि में 4,164 करोड़ रुपए मूल्य की अघोषित विदेशी संपत्तियों से संबंधित 684 खुलासे किए गए.
टैक्स और जुर्माने के रूप में लगभग 2,476 करोड़ जमा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ऐसे मामलों में टैक्स और जुर्माने के रूप में लगभग 2,476 करोड़ रुपए की राशि एकत्रित की गई. इसके अलावा, 31.03.2025 तक, काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत 1,021 मूल्यांकन पूरे किए जा चुके हैं, जिससे लगभग 35,105 करोड़ रुपए से अधिक की कर और जुर्माने की डिमांड की गई है और 163 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई हैं.”
इसके अलावा, काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 की धारा 51, पीएमएल अधिनियम, 2002 की अनुसूची के भाग ग के अंतर्गत अनुसूचित अपराधों में से एक है.
ऐसे 17 मामलों में, प्रवर्तन निदेशालय ने 89.78 करोड़ रुपए की आपराधिक आय कुर्क/जब्त की है और 4 पूरक अभियोजन शिकायतों सहित 10 अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं.
इसके अलावा वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, ईडी ने काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 से संबंधित उल्लंघनों से जुड़े 12 मामलों में फेमा की धारा 37ए के तहत 285.39 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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