Vizhinjam Port Shipping Boom: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक शिपिंग का रुख भारत की ओर मोड़ दिया है. केरल स्थित अडानी पोर्ट्स द्वारा संचालित ‘विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट’ इस संकट के बीच दुनिया के लिए एक बड़ा ट्रांसशिपमेंट समाधान बनकर उभरा है.
दरअसल तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने इस बदलाव को भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया है. थरूर ने अडानी के इस विजन की तारीफ करते हुए कहा कि जो प्रोजेक्ट कभी संदेह के घेरे में था, वह आज (Vizhinjam Port India)कोलंबो और सिंगापुर जैसे वैश्विक दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहा है.
होर्मुज संकट से विझिंजम की ओर मुड़ा ट्रैफिक
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज सागर से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा का खतरा सता रहा है. ऐसे में वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने विझिंजम पोर्ट को एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प के रूप में चुना है. इसको लेकर शशि थरूर ने ‘X’ पर जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 100 जहाज विझिंजम बंदरगाह पर कतार में हैं या लंगर डालने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. अकेले मार्च 2026 में इस पोर्ट ने 61 जहाजों को संभालकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो भारतीय समुद्री व्यापार की बढ़ती ताकत को दर्शाता है.
अडानी पोर्ट्स के विजन ने सिंगापुर को दी चुनौती
गौतम अडानी के नेतृत्व में अडानी पोर्ट्स ने विझिंजम को दुनिया के सबसे आधुनिक डीप-वॉटर पोर्ट्स में तब्दील कर दिया है. थरूर ने कहा कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट की टेंडर बिड लाने में मदद की थी, तब लोग इसकी आलोचना कर रहे थे, लेकिन आज यह हकीकत है. विझिंजम ने रिकॉर्ड समय में 10 लाख TEU (कंटेनर यूनिट) हैंडल करने का आंकड़ा पार कर लिया है. अब यहाँ दूसरे चरण (Phase II) का विस्तार काम युद्धस्तर पर जारी है, ताकि एक साथ 5 विशाल ‘मदरशिप’ को बर्थिंग दी जा सके.
विझिंजम क्यों है दुनिया की पहली पसंद?(Vizhinjam Port India)
विझिंजम पोर्ट की भौगोलिक स्थिति और आधुनिक बुनियादी ढांचा इसे बेहद खास बनाता है. यह देश का पहला गहरे पानी का माल ढुलाई केंद्र (Deep Water Transshipment Hub) है, जहाँ दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज (Motherships) आसानी से डॉक कर सकते हैं.
यह भी बता दें कि इसकी गहराई 18 मीटर से अधिक है और यह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट के बेहद करीब है. अडानी पोर्ट्स की अत्याधुनिक ऑटोमेटेड क्रेन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के कारण यहाँ टर्न-अराउंड समय बहुत कम है, जो सिंगापुर जैसे ग्लोबल पोर्ट्स के मुकाबले इसे और भी प्रतिस्पर्धी बनाता है.
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समुद्री दिग्गज के उदय का साक्षी बन रहा भारत
शशि थरूर ने विझिंजम को “वैश्विक आवश्यकता” करार देते हुए कहा कि यह केवल एक बंदरगाह नहीं, बल्कि भारत की समुद्री महत्वाकांक्षाओं का चेहरा है. जैसे-जैसे वैश्विक तनाव व्यापार मार्गों को नया आकार दे रहे हैं, अडानी का यह पोर्ट भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. थरूर के मुताबिक, विझिंजम न केवल नए मानक स्थापित कर रहा है, बल्कि कोलंबो पर भारत की निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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