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अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाले 11 बड़े जहाज सुरक्षित बाहर निकल गए हैं. इन जहाजों में कच्चा तेल, एलपीजी और खाद का भारी कार्गो लदा है, जिससे भारत की ऊर्जा और कृषि आपूर्ति को राहत मिली है.

Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के बीच शिपिंग ट्रैफिक भारत के Vizhinjam International Seaport की ओर शिफ्ट हो रहा है. Shashi Tharoor ने इसे भारत के लिए ऐतिहासिक मौका बताते हुए Adani Ports के विजन की सराहना की...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट टोल वसूलना तुरंत बंद करे. ट्रंप ने कहा कि सीजफायर की कोई भी शर्त तोड़ी गई तो अगली कार्रवाई पहले से ज्यादा विनाशकारी होगी...

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारतीय जहाज ‘जग वसंत’ ने सुरक्षित रास्ता अपनाकर 42,000 टन LPG के साथ कांडला बंदरगाह पहुंचकर बड़ी उपलब्धि हासिल की. खतरनाक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर यह मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक ताकत का प्रतीक बना...

ईरान ने युद्ध के बीच रणनीतिक फैसला लेते हुए ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ भारत समेत पांच देशों के जहाजों के लिए खुला रखा है. इस कदम से तेल, गैस और खाद की वैश्विक सप्लाई चेन पर मंडरा रहा बड़ा संकट टल सकता है...

Strait of Hormuz में तनाव के बीच भारत के दो LPG टैंकर सुरक्षित निकलकर 27 मार्च तक तट पर पहुंचेंगे. वहीं पाकिस्तान का जहाज ईरानी चेतावनी के बाद लौट गया, जिससे दोनों देशों की रणनीति का फर्क साफ दिखा...

ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने पाकिस्तान के SELEN कंटेनर जहाज को Strait of Hormuz पार करने से रोक दिया. वहीं भारत के जहाज लगातार सुरक्षित निकल रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की कूटनीति पर सवाल उठ रहे हैं...

UAE के गैस कॉम्प्लेक्स पर ईरान का हमला! दुनिया में ऊर्जा संकट, भारत पर क्या असर? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़े तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाकर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को झटका दिया है। हमलों के बाद यूएई के अहम गैस प्लांट प्रभावित हुए, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिला। रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी तनाव बढ़ गया है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। इस पूरे संकट का असर भारत समेत कई एशियाई देशों पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।