आशुतोष कुमार, पटना
पटना (28 सितंबर 2026): बिहार में भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने सोमवार को एक बड़ा प्रहार किया. जांच एजेंसी ने पटना के अपर समाहर्ता (ADM – आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्विटी, जो दानापुर में जिला अवर निबंधक (रजिस्ट्रार) के पद पर तैनात हैं, के ठिकानों पर एक साथ सघन छापेमारी की. प्रशासनिक सेवा के इस हाई-प्रोफाइल दंपत्ति पर ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने का गंभीर आरोप है. उल्लेखनीय है कि रविंद्र कुमार पूर्व में गयाजी में अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) और सारण में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) के महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं.
दानापुर आवास से मिलीं 500 के नोटों की 100 से अधिक गड्डियां
निगरानी ब्यूरो की विशेष टीमों ने सोमवार की सुबह एडीएम दंपत्ति के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. पटना के दानापुर अंतर्गत कश्यप ग्रीनसिटी, नहर रोड स्थित उनके आलीशान फ्लैट में जब तलाशी शुरू हुई, तो वहां मौजूद अलमारियों और लॉकरों से नोटों के अंबार मिलने लगे.
तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों को 500-500 रुपये के नोटों के 100 से अधिक बंडल बरामद हुए. अब तक की नकद गिनती में 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की जा चुकी है. इसके अलावा आवास से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की 35 से अधिक बेशकीमती कलाई घड़ियां, सोने-चांदी के भारी आभूषण और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं.
बेगूसराय स्थित पैतृक घर पर 6 सदस्यीय टीम की जांच
पटना में कार्रवाई के समानांतर ही, बेगूसराय जिला मुख्यालय के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पोखरिया (वार्ड नंबर-37) स्थित एडीएम के पैतृक आवास पर निगरानी विभाग की 6 सदस्यीय टीम दोपहर करीब 1:00 बजे पहुंची. टीम ने वहां मौजूद परिजनों की उपस्थिति में मकान का कोना-कोना खंगाला. पैतृक घर से भी कई महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज, फिक्स्ड डिपॉजिट और विभिन्न शहरों में खरीदी गई जमीन-जायदाद से जुड़े निवेश पत्र बरामद कर जब्त किए गए हैं.
निगरानी थाने में एफआईआर, घोषित संपत्ति से मिलान जारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस पूरे मामले में आय से अधिक संपत्ति का नियमित वाद दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है. छापे के दौरान बरामद हुए जमीन के डीड, फ्लैट्स के आवंटन पत्र, बैंक पासबुक और गहनों का मिलान दोनों अधिकारियों द्वारा अपनी वार्षिक संपत्ति घोषणा में सरकार को दी गई आधिकारिक जानकारी से कराया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों परिसरों में सर्च ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद नकदी, बेनामी संपत्तियों और अन्य निवेशों का अंतिम व विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक किया जाएगा.
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