Chandan Mishra Murder: बिहार के पटना में (Patna Shootout) पारस अस्पताल (Paras Hospital) में घुसकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर कुख्यात चंदन मिश्रा (Chandan Mishra Murder) की हत्या कर दी. अब चंदन मिश्रा इस दुनिया में नहीं रहा. आइए आपको हम बताते हैं मुखिया का बेटा कैसे कुख्यात अपराधी बना? उसने जरायम की दुनिया में कब और कैसे एंट्री ली. साथ ही जेल में चंदन और शेरू के बीच ऐसा क्या हुआ था, जो दो दोस्त एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए?
बचपन में ही जरायम की दुनिया में रख चुका था कदम
कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा बक्सर के सोनबरसा का रहने वाला था. शेरू भी उसी गांव के पास सेमरी बड़ा गांव का रहने वाला है. शेरू का असली नाम ओंकार नाथ सिंह है. चंदन के पिता श्रीकांत मिश्रा उर्फ मंटू मिश्रा स्थानीय पंचायत के मुखिया रह चुके थे. चंदन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. जाहिर सी बात है इकलौता होने के कारण उसका पालन-पोषण बड़े लाड़-प्यार से हुआ था.
चंदन ने काफी कम उम्र में जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था. उसने अपने गांव के एक युवक की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे बाल सुधार गृह भेजा गया. तब वह नाबालिग था, तो जल्द ही रिहा हो गया, लेकिन बाल सुधार गृह भी उसे सुधार न सका. यहीं से अपराध जगत में उसकी एंट्री हुई. सुधार गृह से बाहर आकर उसने गिरोह बनाया और फिर रंगदारी मांगने का सिलसिला शुरू हुआ. पैसे आते गए और गैंग मजबूत होती गई. इस गैंग ने काफी कम समय में बक्सर और आस-पास के इलाके में अपना खौफ कायम किया.
ऐलान करके करता था हत्या
चंदन पर हत्या, लूट और अपहरण जैसे संगीन मामले थे. वह बिहार के अपराध जगत में खौफ का नाम बन चुका था. चंदन ने 21 अगस्त 2011 को राजेंद्र केसरी की हत्या कर दी. वजह केवल गदारी देने से इन्कार करना था. राजेंद्र केसरी की हत्या के एक दिन पहले 20 अगस्त को चंदन ने ऐलान किया था कि इसे कल मारूंगा. ऐलान करने के बाद अगले दिन राजेंद्र केसरी की हत्या कर दी गई.
अस्पताल में गोली मारकर हत्या
ऐलान करके हत्या करने वाले उसी गैंगस्टर चंदन मिश्रा की 17 जुलाई 2025 को हत्या कर दी गई. पटना के पारस अस्पताल में इलाज के दौरान गोली मारकर उसकी हत्या की गई है. इस मामले के तार शेरू गैंग से जुड़ रहे हैं. शुरुआती जांच में पुलिस इस घटना के पीछे चंदन के पुराने दुश्मन शेरू का हाथ मान रही है. वीडियो के आधार पर सुपारी किलर्स पुलिस के रडार पर हैं. आपको जानकर हैरानी होगी की एक दूसरे के खून के प्यासे चंदन और शेरू कभी एक दूसरे के अच्छे दोस्त हुआ करते थे.
साथ क्रिकेट खेलते थे चंदन और शेरू
ये की दोस्ती ऐसी थी कि साल 2009 में क्रिकेट खेलते वक्त उनका अनिल सिंह से विवाद हुआ. तब दोनों ने मिलकर अनिल सिंह की हत्या कर दी. दोनों ने साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया. तब चंदन मिश्रा और शेरू सिंह बिहार के बक्सर-भोजपुर क्षेत्र में अपराध की दुनिया में एक साथ सक्रिय थे. उनके गैंग का इलाके में खौफ था. दोनों ने मिलकर बक्सर और भोजपुर में कई हत्याएं और लूट की वारदात को अंजाम दिया. साल 2011 में सिमरी के पूर्व प्रखंड प्रमुख पति शिवजी खरवार और ट्रांसपोर्टर अनिल सिंह की हत्या हुई थी, जिसमें उनका नाम सामने आया था.
राजेंद्र केसरी हत्याकांड
21 अगस्त 2011 को चंदन और शेरू ने बक्सर में भोजपुर चुना भंडार के मालिक राजेंद्र केसरी की रंगदारी न देने पर गोली मारकर हत्या कर दी. इस मामले में चंदन को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. दोनों की दोस्ती तब टूटी जब वह एक मामले में जेल गए. भागलपुर जेल में उनके बीच दरार उभरे. भागलपुर जेल में बंद रहने के दौरान दोनों के बीच झगड़े शुरू हुए और उनकी दोस्ती दुश्मनी में बदल गई. दोनों ने अलग-अलग गैंग बना लिए और एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए.
मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया दावा
सूत्रों की मानें, तो दोनों दोस्तों के बीच जेल में वर्चस्व की लड़ाई शुरु हो गई. इससे उनका आपसी अविश्वास भी बढ़ गया. कुछ X पोस्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जेल में गैंग और पैसे बंटवारे, इलाके में नियंत्रण को लेकर झगड़े हुए थे. इस रंजिश ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया. चंदन की हत्या इसी गैंगवार का नतीजा माना जा रहा है. पुलिस को शक है कि शेरू सिंह के गैंग ने इस हत्या को अंजाम दिया.
फिल्मी अंदाज में हुई थी हत्या
17 जुलाई 2025 की सुबह करीब 7 बजे, पांच हथियारबंद अपराधी अस्पताल के कमरा नंबर 209 में घुसे और चंदन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि चार अपराधियों ने कैप पहनी थी, और एक बिना कैप के था. हत्या के बाद सभी आराम से फरार हो गए.
एक दिन पहले हुआ था ऑपरेशन
चंदन मिश्रा बेउर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. स्वास्थ्य कारणों से उसे पैरोल पर रिहा किया गया और वह पटना के पारस अस्पताल में भर्ती था, जहां 16 जुलाई 2025 को उसका ऑपरेशन हुआ था. जानकारी के अनुसार चंदन पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी समेत 24 से ज्यादा मामले दर्ज थे. वह बक्सर के मॉडल थाना क्षेत्र में जेल क्लर्क हैदर अली की हत्या का भी आरोपी था.
सांसद पप्पू यादव ने किया दावा
पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी की पहचान फुलवारी शरीफ का रहने वाले तौसीफ उर्फ बादशाह के रुप में की है, जो इस वारदात में शामिल था. अन्य शूटरों की भी पहचान हो चुकी है. कुछ को हिरासत में लिया गया है. इस मामले में सांसद पप्पू यादव का दावा है कि चंदन की हत्या की साजिश जेल से ही रची गई थी.
शेरू गैंग ने चंदन को मारने की सुपारी पांच शूटरों को दी थी. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच (Bihar Police) कर रही है. अब देखना ये है कि आने वाले दिनों में पुलिस की जांच में क्या कुछ निकलकर सामने आता है.
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