Nagpur Violence: महाराष्ट्र के नागपुर से कश्मीर जैसी हिंसा सामने आई है. जहां 17 मार्च शाम हुई दंगे में अब तक 50 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. हालांकि अब मामला नियंत्रित है और कुछ जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है. पुलिस हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैगमार्च कर रही है. इस फ्लैगमार्च में पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंगल भी शामिल हैं. अब पुलिस उन उपद्रवियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने शहर को हिंसा की आग में झोंका और माहौल खराब किया. और मास्क के पीछे छिपे दंगाई कौन थे? इन सारे सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
हिंसा में कश्मीर पैटर्न
Nagpur Violence: इस हिंसा में कश्मीर पैटर्न भी चर्चा में आया है. उपद्रवियों ने जमकर पत्थर चलाए और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. पुलिस पर भी पत्थर फेंके. तलवार और कुल्हाड़ी से हमले किए. वाहनों को तोड़ा. पुलिस ने जो सावर्जनिक संपत्तियों पर फेकें गए थे, पत्थर बरामद कर लिए हैं.
हिंसा पर देवेंद्र फडण्वीस का बयान
Nagpur Violence: नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण सामने आए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को पूर्व-नियोजित (प्री-प्लान) बताया है, क्योंकि भीड़ ने चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था. उन्होंने कहा कि ‘छावा’ फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों की भावनाओं को जागृत किया है, जिससे गुस्सा बढ़ा है, साथ ही उन्होनें कहा कि इलाके में जिस तरह से तनाव बना हुआ है वो बेहद निंदनीय है, पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई है, जो की गलत है.मैं स्थिति पर नजर रहा हूं. सभी शांति बनाए रखें.
हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
Nagpur Violence: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्लानिंग के तहत इस हिंसा को अंजाम दिया गया है, जो लोग भी इसमें शामिल हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
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