NEET Student Rape Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमय मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है. नए घटनाक्रमों ने जांच को और भी गंभीर बना दिया है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन समेत 11 लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं.
जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं, उनमें मृतक छात्रा के परिवार के पांच सदस्य और छह अन्य संदिग्ध शामिल हैं. इन संदिग्धों में सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए लोग और वे लोग शामिल हैं जो छात्रा को अस्पताल ले जाने में शामिल थे.
नाबालिग थी छात्रा
पॉक्सो की जोड़ी जाएंगी धाराएं
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, छात्रा नाबालिग थी, इसे देखते हुए अधिकारी मामले में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पॉक्सो) अधिनियम की धाराएं जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं.
एफएसएल की जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म पाए गए हैं, जिससे यौन उत्पीड़न की आशंका और बढ़ गई है.
पीड़िता के परिवार ने 10 जनवरी को कपड़े पुलिस को सौंप दिए थे और फोरेंसिक रिपोर्ट दो दिन पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई थी.
अपराध में उनकी संलिप्तता साबित करने के लिए सभी संदिग्धों से डीएनए नमूने एकत्र किए जा रहे हैं.
PM रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की संभावना
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी यौन उत्पीड़न की संभावना की पुष्टि की है, जो पुलिस के प्रारंभिक दावों का खंडन करता है और मामले की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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जांच में लापरवाही के खुलासे के बाद, दो थाना अधिकारियों, चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की रोशनी कुमारी और कदमकुआं पुलिस स्टेशन के हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जांच की समीक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पूरी एसआईटी को तलब किया.
-भारत एक्सप्रेस
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