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अडानी यूनिवर्सिटी का दूसरा दीक्षांत समारोह, 87 छात्रों को मिली डिग्री, डॉ. प्रीति अडानी बोलीं- अगला दशक ज्यादा नहीं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का है

Adani University: अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित अडानी यूनिवर्सिटी में शनिवार को दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. समारोह का माहौल पूरी तरह एनर्जेटिक रहा. कुल 87 छात्रों को डिग्री दी गई.

Adani University

Adani University: अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित अडानी यूनिवर्सिटी में शनिवार को दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. समारोह का माहौल पूरी तरह एनर्जेटिक रहा. कुल 87 छात्रों को डिग्री दी गई, जिनमें तीन मेडलिस्ट भी शामिल रहे. इस मौके पर छात्रों के परिवार, फैकल्टी, गवर्निंग बॉडी के सदस्य, कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधि और कई खास मेहमान मौजूद थे.

इस बार 79 छात्रों ने एमबीए (इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट) और 8 छात्रों ने एमटेक (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट) की डिग्री हासिल की. पूरे समारोह की अध्यक्षता अडानी यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष और अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति जी अडानी ने की.

देश में तेजी से बदल रहा विकास मॉडल

अपने संबोधन में डॉ. प्रीति अडानी ने देश में तेजी से बदल रहे विकास मॉडल और नई सोच पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत अब नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां डिजिटल बदलाव, स्थिरता और लोगों की जरूरतों को केंद्र में रखकर काम किया जा रहा है.

Adani University Convocation

प्रगति की बदल रही परिभाषा

उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि अब प्रगति की परिभाषा बदल रही है. उन्होंने कहा, “कनेक्टिविटी और सुविधा से आगे एक और बड़ी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे सिस्टम बनाएं जो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और अवसर का लाभ लेने दें. प्रगति को अब केवल गति, पैमाने या दक्षता से नहीं मापा जाएगा, बल्कि इस बात से भी मापा जाएगा कि हमारे नागरिक कितनी अच्छी तरह जी रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि अगले दशक का इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा बनाने का नहीं, बल्कि बेहतर बनाने का समय है.

नौकरी नहीं राष्ट्रनिर्माण की निभाएं जिम्मेदारी

डॉ. अडानी ने छात्रों को याद दिलाया कि वे एक ऐसी सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं जिसने हमेशा दूरदृष्टि, साहस और नैतिकता के साथ निर्माण किया है. उन्होंने कहा कि इस विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ाएं और अपने करियर को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की जिम्मेदारी की तरह देखें.

उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही एक नया, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार कैंपस बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां रिसर्च, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग को और मजबूत किया जाएगा.

Adani University Convocation 1

क्वलकॉम इंडिया के अध्यक्ष ने दिया दीक्षांत भाषण

समारोह में क्वालकॉम इंडिया के अध्यक्ष सवी एस सोइन ने दीक्षांत भाषण दिया. उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता, खासतौर पर सेमीकंडक्टर्स, एआई, मोबिलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में इंडस्ट्री और अकादमिक जगत की साझेदारी बहुत अहम होने वाली है.

उन्होंने कहा, “अडानी यूनिवर्सिटी का बहुविषयी मॉडल छात्रों को सिर्फ इस बदलाव का हिस्सा नहीं बनाता, बल्कि उन्हें इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है. नवाचार, अनुकूलता और भारत की असली समस्याओं को हल करने की क्षमता ही भविष्य के नेता तैयार करेगी.”

उन्होंने छात्रों को सीखना कभी न छोड़ने, नैतिक नेतृत्व अपनाने और स्थिरता को केंद्र में रखकर काम करने की सलाह दी. उनके मुताबिक ये गुण एक मजबूत और आधुनिक भारत की नींव बनेंगे. कार्यक्रम का समापन सभी स्नातकों और मेडलिस्टों के सामूहिक फोटो से हुआ, जो उनके जीवन का एक यादगार पल बन गया.

2022 में बनी थी अडानी यूनिवर्सिटी

अडानी यूनिवर्सिटी की स्थापना 2022 में हुई थी. शुरुआत से ही इसका मकसद ऐसा शिक्षा मॉडल तैयार करना है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थकेयर जैसे अहम क्षेत्रों में रिसर्च और नई सोच को बढ़ावा मिले.

यूनिवर्सिटी सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कैंपस में एक ऐसा माहौल तैयार किया गया है जिसे उच्च शिक्षा का पूरा इकोसिस्टम कहा जा सकता है. इसमें पढ़ाई के साथ–साथ कौशल विकास, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, शिक्षक प्रशिक्षण, उद्यमिता को बढ़ावा, नवाचार, नए प्रोडक्ट की डेवलपमेंट, IPR निर्माण, गुणवत्ता और प्रमाणन से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं. साथ ही दुनिया भर के उद्योगों और संस्थानों के साथ मिलकर सहयोगी शोध भी किया जाता है.

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फिलहाल विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बिजनेस मैनेजमेंट के स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स (बी.टेक, एम.टेक और एमबीए) चला रहा है. इसके अलावा एनईपी के मुताबिक लचीले एकीकृत प्रोग्राम जैसे बी. टेक + एमबीए और बी. टेक + एम. टेक भी उपलब्ध हैं. यहां इंटरडिसिप्लिनरी पीएचडी कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसमें कुल मिलाकर 1800 से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं.

अडानी यूनिवर्सिटी गुजरात की पहली यूनिवर्सिटी है जिसे ISO 21001:2018 प्रमाणन मिला है. यह सर्टिफिकेशन उच्च शिक्षा में मैनेजमेंट सिस्टम के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है.

-भारत एक्सप्रेस



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