Bharat Express DD Free Dish

अब तीसरी क्लास से ही बच्चे सीखेंगे AI, अगले 3 साल में हर हाई स्कूल तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

स्कूली शिक्षा में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बोलबाला होगा. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एलान किया है कि अगले 3 साल में सभी हाई स्कूल ब्रॉडबैंड से जुड़ जाएंगे और बच्चे अपनी भाषा में AI पढ़ेंगे.

AI in high School Education

AI जेनरेटेड इमेज

AI in School: आने वाले समय में हमारे देश के स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है. वह दौर गया जब कम्प्यूटर सिर्फ एक अलग विषय हुआ करता था. अब भारत सरकार एक ऐसी तैयारी कर रही है जिससे स्कूली शिक्षा न केवल आधुनिक होगी, बल्कि बेहद दिलचस्प भी हो जाएगी. शिक्षा मंत्रालय ने फैसला लिया है कि अब छोटे बच्चों को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) की बारीकियां सिखाई जाएंगी. सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि अगले 2-3 सालों के भीतर देश के हर हाई स्कूल में ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंच जाएगा.

तीसरी कक्षा से ही ‘टेक गुरु’ बनेंगे बच्चे

केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए साल 2026-27 से कक्षा 3 से 8 तक के लिए एक खास कोर्स तैयार किया है. इसका मकसद बच्चों को रट्टामार पढ़ाई से दूर ले जाकर उन्हें तकनीक की दुनिया के लिए तैयार करना है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में बताया कि अब AI की शुरुआती जानकारी तीसरी कक्षा से ही मिलनी शुरू हो जाएगी. खास बात यह है कि यह पढ़ाई सिर्फ अंग्रेजी में नहीं, बल्कि बच्चों की अपनी मातृभाषा में भी होगी, ताकि गांव-कस्बों का हर बच्चा इसे आसानी से समझ सके.

Broadband: हर स्कूल तक पहुंचेगा इंटरनेट

इंटरनेट आज की जरूरत है और शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि बिना इसके शिक्षा अधूरी है. अभी देश के लगभग 60 प्रतिशत हाई स्कूल ब्रॉडबैंड से जुड़े हुए हैं, लेकिन अगले तीन सालों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. यानी देश का कोई भी हाई स्कूल ऐसा नहीं बचेगा जहां हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा न हो. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं. शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे तकनीक के इस नए दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें.

NCERT की किताबों में बड़ा बदलाव

बदलाव सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि किताबों के पन्ने भी अब नई तकनीक की बातें करेंगे. NCERT ने अपने पाठ्यक्रम में AI और उभरती हुई टेक्नोलॉजी को शामिल कर लिया है. सरकार का मानना है कि छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों में भी AI की गहरी समझ विकसित करना जरूरी है. इस पूरी मुहिम को DIKSHA, SWAYAM और PM eVidya जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा मिल रहा है, जिससे घर बैठे भी पढ़ाई आसान हो जाएगी.

ये भी पढ़ें:CBSE का बड़ा फैसला: स्कूलों में मेंस्ट्रुअल हेल्थ सेंटर बनाना अब अनिवार्य, बेटियों की सेहत के लिए बोर्ड ने कसी कमर

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read