पढ़ाई और करियर की भागा दौडी में आज के समय में बच्चे स्कूल और कोचिंग के बीच पीसते रहते हैं. ऐसे में बच्चे कोचिंग पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं जिसके कारण उनका स्कूल एकेडमिक पीछे छूटता चला जाता है. इसको लेकर शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई दोनों ही चिंता जता चुके हैं. लेकिन, अब शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई ने इस गंभीर मुद्दे को नजर में रखते हुए कुछ नए सुझावों को सामने रखा है, जिससे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोई दूसरी संस्था न चुनना पड़ें और स्कूलों में ही उनको इन परीक्षाओं की तैयारी कराई जा सके.
टीचर्स को दी जाएगी ट्रेनिंग
शिक्षा मंत्रालय की हाई लेवल कमेटी के अनुसार, अगर स्कूलों में ही बच्चों को सही गाइडेंस और ट्रेनिंग मिलेगी, तो उन्हें कोचिंग जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. जिसके निवारण के लिए एक मॉडल लाने की बात कही गई, जिसमें स्कूल टीचर्स को बच्चों को इन बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करनी है उसपर ट्रेनिंग दी जाएगी. साथ ही इंडस्ट्री या एजुकेशन सेक्टर के एक्सपर्ट्स को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में बुलाया जाएगा. जिससे बच्चों को एग्जाम पैटर्न और स्ट्रैटिजी समझने में मदद मिलेगी.
स्कूलों में खोले जाएंगे एडवांस स्टडीज सेंटर
CBSE ने इसको लेकर की सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (CAS) का सुझाव दिया जिन्हें स्कूलों के अंदर ही बनाया जाएगा. इसमें उन छात्रों को एडमिशन लेना होगा जो IIT-JEE, NEET, CLAT, CUET जैसी बड़ी प्रतियोगी एग्जाम की तैयारी करना चाहते हैं. इसमें मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, सहित कई विषयों की एडवांस क्लासेज कराई जाएंगी.
कमेटी ने बताया की जिन छात्रों को CAS में शामिल होना होगा, उन्हें पहले काउंसलिंग करानी होगी जिसके बाद उन्हें एडमिशन दिया जाएगा.
शिक्षा मंत्रालय की मंजूरी के मिलते ही इसे स्कूलों में खोला जाएगा. ऐसे में बोर्ड एग्जाम्स के पैटर्न में भी बदलाव होंगे जिसमें 50% सवाल कंपीटेंसी बेस्ड होंगे, जिसके लिए उनका कॉन्सेप्ट समझना और उसका सही उपयोग करना जरूरी होगा.
मिलेंगे खास स्टडी मटेरियल
CAS के लागु होने के बाद इसके लिए खास स्टडी मटेरियल और असाइनमेंट तैयार किए जाएंगे. जिसे छात्र आसानी से डिजिटली भी देख और पढ़ सकेंगे. साथ ही इसके लिए स्कूलों को नए टीचर्स को हायर करना पड़ेगा. CAS की सबसे खास बात यह है कि ये पूरी तरह स्कूल के अंदर और स्कूल टाइमिंग में ही चलेगा, जिससे बच्चों को दो-दो जगहों पर टाइम नहीं देना पड़ेगा, जिससे उन पर कम प्रेशर पड़ेगा.
सीबीएसई ने कहा है कि स्कूलों को कोचिंग सेंटर के साथ टाई-अप करने की इजाजत नहीं होगी. जिससे ये साफ होता है की इस फैसले से कोचिंग कल्चर पर रोक लग जाएगी, जो एक बहुत बड़ा कदम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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